फोन देगा भूकंप आने का अलर्ट, तुरंत ऑन करें ये सेटिंग्स; वेनेजुएला में अचानक आई आपदा ने मचाई भीषण तबाही

वेनेजुएला में बीते दिन आए विनाशकारी भूंकप ने पूरे देश में तबाही मचा के रख दी. इस भूकंप में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला में आए भूकंप के कारण अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और ताजा अनुमान के अनुसार, भूकंप में 10 हजार से लेकर 1 लाख लोगों के मारे जाने की भी आशंका है.

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वेनेजुएला के लोगों को मिला था भूकंप का अलर्ट

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अब इस भूकंप को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. सामने आई कई रिपोर्ट्स के मुताबिक वेनेजुएला में धरती हिलने से कुछ सेकेंड पहले ही लाखों लोगों के एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर एक जोरदार इमरजेंसी अलर्ट गूंजा था. इस चेतावनी ने लोगों को कुछ सेकेंड के ही सही लेकिन संभलने का मौका दिया. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या हमारा फोन भूकंप जैसी आपदा के बीच हमारी जान बचा सकता है? तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है गूगल की ये नई तकनीक.

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गूगल ने कैसे भेजा लोगों को भूकंप का अलर्ट?

गूगल ने कैसे भेजा लोगों को भूकंप का अलर्ट?3 / 8

हम यह जानते हैं कि भूकंप की भविष्यवाणी करना लगभग नामुमकिन है. विज्ञान अभी भी इतना आगे नहीं पहुंच सका है कि वह भूकंप आने के समय और तारीख की भविष्यवाणी कर सके. फिर भी गूगल ने लोगों को अलर्ट कैसे भेजा? दरअसल गूगल ने भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की, बल्कि धरती के अंदर हलचल शुरू होते ही उसके सबसे शुरुआती संकेतों को तुरंत पकड़ लिया और मुख्य झटके के लोगों तक पहुंचने से पहले बिजली की रफ्तार से अलर्ट भेजा.

यह तकनीक कैसे काम करती है?

यह तकनीक कैसे काम करती है?4 / 8

बोट्स.एआई' के डायरेक्टर निखर अरोड़ा ने इस तकनीक को समझाया. उन्होंने बताया कि दुनिया भर में मौजूद अरबों एंड्रॉयड फोन असल में एक बहुत बड़ा 'सेंसर नेटवर्क' हैं. हर स्मार्टफोन के अंदर एक छोटा सा सेंसर होता है जिसे 'एक्सेलेरोमीटर' कहते हैं. यह फोन के हिलने-डुलने और रोटेशन को मापता है. आमतौर पर भूकंप आने पर जमीन से दो तरह की तरंगें निकलती हैं. पहली होती हैं 'प्राइमरी वेव्स' (P-Waves), जो बहुत हल्की होती हैं और तेजी से चलती हैं लेकिन इनसे नुकसान नहीं होता. इसके बाद आती हैं 'सेकेंडरी वेव्स' (S-Waves), जो खतरनाक होती हैं और बड़ी-बड़ी इमारतों तक को गिरा सकती हैं.

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फोन पर पहुंचते हैं फुल-स्क्रीन अलर्ट और सायरन

फोन पर पहुंचते हैं फुल-स्क्रीन अलर्ट और सायरन5 / 8

अब जैसे ही किसी इलाके में P-Waves आती हैं, वहां मौजूद हजारों एंड्रॉयड फोन्स के सेंसर इसे रिकॉर्ड कर तुरंत गूगल के सर्वर को डेटा भेजते हैं. गूगल का एल्गोरिदम पलक झपकते ही समझ जाता है कि यह भूकंप है, और वह S-Waves (बड़े झटके) के वहां पहुंचने से पहले उस दायरे में आने वाले सभी मोबाइलों पर फुल-स्क्रीन अलर्ट और सायरन भेज देता है.

ऐसे बच सकती हैं कई जानें

ऐसे बच सकती हैं कई जानें6 / 8

अब कई लोगों को लग सकता है कि महज 5 से 10 सेकेंड पहले अलर्ट मिलने से क्या होगा? लेकिन इमरजेंसी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, संकट की घड़ी में ये चंद सेकेंड ही जिंदगी और मौत के बीच का अंतर तय करते हैं. इन चंद सेकेंड्स में इंसान किसी कमजोर छत या भारी कंस्ट्रक्शन से दूर हट सकता है. लोगों को छिपने या घर से बाहर खुली जगह में भागने का मौका मिल सकता है. वहीं, फैक्ट्रियों में चल रही खतरनाक मशीनों, गैस स्टोव या किसी सर्जरी को तुरंत रोका जा सकता है.

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फोन में कैसे ऑन करें ये सेटिंग्स

फोन में कैसे ऑन करें ये सेटिंग्स7 / 8

अगर आप एक एंड्रॉयड यूजर हैं, तो आप भी इस सुरक्षा कवच को ऑन कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले अपने फोन की सेटिंग्स में जाएं. फिर वहां Safety & Emergency ऑप्शन पर क्लिक करें. वहां आपको Earthquake Alerts का विकल्प मिलेगा. यहां 'ON' पर क्लिक कर दें. इसके साथ ही संकट की घड़ी में आपको भी कुछ अहम सेकेंड्स मिल सकते हैं जो आपकी जान भी बचा लें.

बहुत काम आ सकती है ये तकनीक

बहुत काम आ सकती है ये तकनीक 8 / 8

'एनवायरोकेयर फाउंडेशन' के को-फाउंडर ऋषित पांथरी ने एनडीटीवी को बताया कि वेनेजुएला में भूकंप की तरह कई आपदाओं में यह तकनीक कारगर साबित हो सकती है. उनके मुताबिक इसीलिए सरकारों और टेक कंपनियों को मिलकर ऐसी तकनीक पर निवेश बढ़ाना होगा.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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