परमाणु बम से भी नहीं मरते ये 7 'अमर जीव', हाई लेवल रेडिएशन झेलने के बाद भी रहते हैं जिंदा

जब कभी भी परमाणु बम विस्फोट होता है तो उस इलाके में दूर-दूर तक भी मौजूद जीव मर जाते हैं, लेकिन ये बात सच नहीं है. आज हम आपको ऐसे ही 7 जीवों के बारे में बताने जा रहे हैं जो परमाणु बम के रेडिएशन के सामने भी अमर हैं. इन जीवों पर कुछ असर नहीं करता है.

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फूलों का परागण करने वाले ब्रैकोनिडे ततैया

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फूलों का परागण करने वाले ब्रैकोनिडे ततैया (Braconide Wasps) पर हिरोशिमा जैसे परमाणु बम से दोगुना रेडिएशन भी असर नहीं करता है. ये ततैये इंसान की तुलना में 300 गुना ज्यादा रेडिएशन सहते हैं, जो 180,000 रेड्स होता है, जबकि हिरोशिमा का परमाणु बम 10,000 रेड्स था.

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पानी के भालू यानी टार्डिग्रेड

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NASA ने हाल ही में पानी के भालू यानी टार्डिग्रेड (Tardigrade) को स्पेस वैक्यूम में रखा था, जो हवा और पानी के बिना भी बिल्कुल सही सलामत था. आपको बता दें कि टार्डिग्रेड 10 साल तक मृत रहने के बाद भी दोबारा जिंदा किए जा सकते हैं. इस कारण से ही इनके शरीर पर परमाणु बम रेडिएशन का असर भी नहीं होता है.

10,000 रेड्स के रेडिएशन से बचने वाला कॉकरोच

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जिस कॉकरोच को हम मामूली कीटनाशक से मार देते हैं, उसमें भी 10,000 रेड्स के रेडिएशन वाले परमाणु बम से बचने की क्षमता होती है. बता दें कि हिरोशिमा में परमाणु बम गिरने की जगह से 1,000 फीट दूर कॉकरोच बिल्कुल स्वस्थ पाए गए थे. ये बिना खाना-पानी के भी एक महीने जीवित रह सकते हैं.

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गर्मी के समय परेशान करने वाली मक्खी

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गर्मी के समय में जो छोटी से फल मक्खी भी आपको परेशान कर देती है, वो भी 64,000 रेड्स के परमाणु बम रेडिएशन में जिंदा रह सकती है. करीब 30 दिन का जीवन चक्र रखने वाली ये फल मक्खियां इस दौरान परमाणु बम रेडिएशन की चपेट में आने के बाद भी पूरे 30 दिन तक जीवित रहती हैं.

बिच्छू भी झेल सकता है हाई लेवल रेडिएशन

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बिच्छू को लेकर भी ये कहा जाता है कि वे हाई लेवल के रेडिएशन को झेल सकते हैं. हालांकि इनकी क्षमता को लेकर कोई ठोस स्टडी नहीं की गई है. हाई लेवल UV रेडिएशन रोजाना धूप में झेलने वाले बिच्छू को बर्फ में पूरी तरह जमा सकते हैं और कई दिन बाद दोबारा उन्हें जिंदा भी कर सकते हैं.

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छोटी सी मम्मीचोग मछली

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छोटी सी मम्मीचोग मछली (Mummichog Fish) स्पेस में भेजी जाने वाली इकलौती मछलियां हैं. ये हाई लेवल रेडिएशन को सहन कर सकती हैं. समुद्र के सबसे ज्यादा रासायनिक प्रदूषण वाले पानी में भी जिंदा रहने वाली मम्मीचोग मछली जीन्स की अंदरूनी संरचना को उसके अनुरूप ढाल सकती है.

एंटी-रेडिएशन जीव डाइनोकोकस रेडिडुरंस

एंटी-रेडिएशन जीव डाइनोकोकस रेडिडुरंस8 / 8

धरती का सबसे ज्यादा एंटी-रेडिएशन जीव डाइनोकोकस रेडिडुरंस (Deinococcus Radidurans) है, जो अपने DNA की तत्काल रिपेयरिंग कर लेता है. डाइनोकोकस रेडिडुरंस को गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी धरती के सबसे ज्यादा रेडिएशन झेलने में सक्षम जीव के तौर पर दर्ज किया गया है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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