फ्लैट में लीकेज या टूट-फूट दिखे तो कैसे मिलेगा मुआवजा, क्या कहता है RERA कानून?
RERA Act Construction Quality Rules: भारी-भरकम लोन और जीवन भर की कमाई लगाकर खरीदे गए फ्लैट का मैटेरियल अगर घटिया निकले तो क्या करें? जानें RERA का वो नियम जो बिल्डर को 30 दिन में घर ठीक करने या मुआवजा देने पर मजबूर कर देता है.

बिल्डर को लिखित शिकायत दें
2 / 5यदि आपके घर में क्वालिटी से जुड़ी समस्या है, तो आप सबसे पहले बिल्डर को लिखित शिकायत दें. नियम के अनुसार, बिल्डर को 30 दिनों के भीतर बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के उस खराबी को दूर करना होगा. अगर बिल्डर 30 दिनों में समस्या नहीं सुलझाता, तो खरीदार मुआवजे का दावा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है.
5 साल तक बिल्डर की है जवाबदेही
3 / 5एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रेरा की धारा 14(3) खरीदारों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है. इसके तहत अगर पजेशन (कब्जा) मिलने के 5 साल के भीतर घर में किसी भी तरह की स्ट्रक्चरल खराबी (जैसे दरारें, लीकेज या घटिया निर्माण) पाई जाती है, तो उसे ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होती है.
फ्लैट पर 1 करोड़ खर्च, फिर भी मिली बदहाली
4 / 5हाल ही में नोएडा के एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसने करीब 1 करोड़ रुपये खर्च कर प्रीमियम फ्लैट खरीदा था. वीडियो में दिखा कि बिल्डिंग का प्लास्टर उखड़ रहा है और दीवारों की हालत बेहद खराब है. इस घटना ने पूरे एनसीआर के घर खरीदारों के बीच हलचल मचा दी है.
कैसे करें खुद का बचाव?
5 / 5एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले खरीदारों को कुछ बुनियादी जांच जरूर करनी चाहिए. सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट रेरा के तहत रजिस्टर्ड है. बिल्डर के पिछले प्रोजेक्ट्स और उसकी मार्केट वैल्यू की जांच करें. घर खरीदने से पहले एग्रीमेंट को बारीकी से पढ़ें और निर्माण की क्वालिटी से जुड़ी शर्तों को समझें.
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