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नीतीश कुमार अब तक कुल 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं और 6 बार इस्तीफा भी दे चुके हैं. भारतीय राजनीति का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है. पहली बार साल 2000 में वे केवल सात दिनों के लिए सीएम बने थे लेकिन उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
कब हुई असली शुरुआत?

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साल 2005 में उन्होंने दूसरी बार कमान संभाली और सुशासन के दम पर अपना पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद 2010 में उन्होंने लगातार दूसरी बार भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली.
क्यों देना पड़ा इस्तीफा?

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साल 2014 के लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने पद छोड़ा पर 2015 में वे दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर लौटे. इसी साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने महागठबंधन के साथ चौथी बार प्रदेश की कमान अपने हाथों में ली थी.
कब बदला गठबंधन?

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साल 2017 में उन्होंने महागठबंधन का साथ छोड़कर एनडीए के साथ हाथ मिलाया और फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद 2020 के चुनाव में जीत हासिल कर वे एक बार फिर बिहार के मुखिया बने और अपना सफर जारी रखा.
कितनी बार पलटी बाजी?

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साल 2022 में एनडीए छोड़कर फिर महागठबंधन में गए और जनवरी 2024 में दोबारा एनडीए में लौटकर नौवीं बार शपथ ली. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि 2025 के चुनाव में जीत के बाद उन्होंने दसवीं बार सीएम पद संभाला.
कैसा रहा राजनीतिक सफर?

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नीतीश कुमार का यह सफर दिखाता है कि बिहार की राजनीति में उनके बिना सत्ता का समीकरण बिठाना लगभग नामुमकिन है. हर बार गठबंधन बदलने के बावजूद वे अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे हैं जो उनकी बेहतरीन राजनीतिक समझ को दर्शाता है.