Khan Sir vs Roshan Anand: अपने अनोखे और देसी अंदाज में पढ़ाने के लिए मशहूर खान सर के कोचिंग संस्थान पर पिछले दिनों हुई पत्थरबाजी और हमले ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है. इस हाई-प्रोफाइल विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के मुख्य संचालक रौशन आनंद को उनके साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया. पटना कोचिंग जगत में मचे एक बड़े बवाल के बाद अगर दोनों शिक्षकों की आर्थिक स्थिति और लोकप्रियता की आपस में सीधी तुलना की जाए, तो खान सर का पलड़ा रौशन आनंद के मुकाबले काफी ज्यादा भारी नजर आता है. खान सर के पास जहां करोड़ों की ग्लोबल डिजिटल रीच, यूट्यूब और मोबाइल ऐप्स का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है, जो उन्हें हर महीने लाखों रुपये की पैसिव इनकम देता है. वहीं रौशन आनंद की पूरी कमाई मुख्य रूप से उनके ऑफलाइन कोचिंग सेंटर और स्थानीय छात्रों की फीस तक ही सीमित है, जिसके चलते डिजिटल रेवेन्यू में खान सर बहुत आगे निकल जाते हैं.
खान सर की करोड़ों रुपये की कुल संपत्ति

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सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक हर जगह खान सर की कुल संपत्ति को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि खान सर ने आधिकारिक तौर पर अपनी असल संपत्ति का कोई वित्तीय खुलासा नहीं किया है. इसके बावजूद विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार के आकलनों के मुताबिक उनकी अनुमानित नेटवर्थ करीब 5 करोड़ रुपये से लेकर 20 करोड़ रुपये के बीच आंकी जाती है. उनकी यह पूरी संपत्ति पिछले कुछ सालों में उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण खड़ी हुई है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बंपर मासिक आय

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खान सर की कमाई का एक बहुत बड़ा जरिया उनका बेहद लोकप्रिय यूट्यूब चैनल और उनके खुद के ऑनलाइन एप्लीकेशन प्लेटफॉर्म हैं. इन डिजिटल माध्यमों की बदौलत खान सर हर महीने आसानी से करीब 10 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की मोटी कमाई कर लेते हैं. इस बड़ी डिजिटल इनकम के अलावा पटना में चलने वाली उनकी विशाल ऑफलाइन कोचिंग क्लास से भी हर महीने एक अलग और मोटी कमाई होती है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में छात्र पढ़ने आते हैं.
खान सर का संघर्ष और सेना का सपना

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उत्तर प्रदेश के मूल निवासी खान सर की कहानी बेहद दिलचस्प है, जो आज देश के लाखों युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं. उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से भूगोल विषय में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की है. खान सर का शुरुआती सपना देश की सेवा के लिए भारतीय सेना में भर्ती होने का था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. शारीरिक कमियों और हालातों के चलते वे फौज में तो नहीं जा सके, लेकिन आज वे डिजिटल दुनिया से बड़े ऑनलाइन शिक्षकों में से एक बनकर उभर चुके हैं.
लात मार दिया 100 करोड़ का ऑफर

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खान सर की बड़ी खासियत है कि वे बेहद गरीब बच्चों को बहुत ही सस्ती और नाममात्र की फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए जाने जाते हैं. जब देश के एडटेक बाजार में बड़ी-बड़ी कंपनियां करोड़ों के पैकेज दे रही थीं, तब खान सर को भी एक नामी कंपनी की तरफ से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बड़ा बिजनेस ऑफर मिला था. मगर उन्होंने गरीब छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विशाल ऑफर को लात मार दी थी, जिसकी चर्चा आज भी होती है.
रौशन आनंद की संपत्ति का पूरा गणित

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वहीं, ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संस्थापक रौशन आनंद सर की कुल संपत्ति को लेकर बाजार में कोई प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है. एक प्राइवेट शिक्षक और कोचिंग संचालक होने की वजह से उनकी आय का पूरा गणित सीधे तौर पर उनके पास पढ़ने वाले छात्रों की संख्या और उनसे मिलने वाली फीस पर ही निर्भर करता है. सरकारी रिकॉर्ड या वित्तीय दस्तावेजों में उनकी कुल नेटवर्थ का कोई भी प्रमाणित या पुख्ता डेटा सार्वजनिक रूप से कभी भी सामने नहीं आ पाया है.
ज्ञान बिंदु एकेडमी की ऐतिहासिक शुरुआत

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रौशन आनंद ने 1 सितंबर 2017 को अपने एक करीबी दोस्त की वित्तीय मदद से पटना में 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' की नींव रखी थी. इस संस्थान की शुरुआत महज 50 छात्रों के साथ एक छोटे से कमरे से हुई थी. लेकिन समय के साथ रौशन आनंद की कड़ी मेहनत रंग लाई और आज उनका यह सेंटर बिहार समेत पूरे देश में सरकारी नौकरियों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाला एक बहुत बड़ा और प्रतिष्ठित संस्थान बन चुका है.
सहरसा से पटना तक का आर्थिक संघर्ष

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रौशन आनंद की शुरुआती जिंदगी और उनका बैकग्राउंड बेहद कड़े आर्थिक संघर्षों से भरा रहा है. वे मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले हैं और पटना आने के बाद उन्होंने अपने जीवन में भयंकर तंगी के दिन देखे हैं. उनके शुरुआती संघर्ष का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आर्थिक तंगी के दिनों में वे कई बार छात्रों को पढ़ाने के एवज में फीस की जगह उनसे अपने रहने और खाने-पीने का इंतजाम करवाते थे, ताकि वे अपना गुजारा कर सकें.