
1 / 5
जर्मन वैज्ञानिक योहान्स केप्लर ने ब्रह्मांड की रचना की तारीख को लेकर बड़ा दावा किया था. केप्लर ने ग्रहों की स्पीड को समझकर यूनिवर्स की रचना की डेट तय की थी.
केप्लर कौन थे?

2 / 5
Johannes Kepler 16वीं–17वीं सदी के एक महान जर्मन खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और ज्योतिषी थे. उन्हें मॉडर्न एस्ट्रोनॉमी का जनक माना जाता है. केप्लर ने ग्रहों की स्पीड से जुड़े तीन महत्वपूर्ण नियम (Kepler’s Laws of Planetary Motion) दिए, जिनसे ये समझने में मदद मिली कि ग्रह सूर्य के चारों ओर किस तरह घूमते हैं. उनके काम ने आगे चलकर न्यूटन जैसे वैज्ञानिकों के लिए आधार तैयार किया. उस समय जब विज्ञान और धर्म साथ-साथ चलते थे, केप्लर ने दोनों को जोड़कर ब्रह्मांड को समझने की कोशिश की.
ब्रह्मांड की जन्म तिथि का दावा

3 / 5
केप्लर ने अपनी गणनाओं और धार्मिक ग्रंथों के आधार पर ये दावा किया था कि ब्रह्मांड की शुरुआत 27 अप्रैल 4977 ईसा पूर्व हुई थी. उन्होंने ग्रहों की स्थिति और खगोलीय घटनाओं को पीछे की ओर (back calculation) जोड़कर ये तारीख तय की.
क्यों चुनी ये खास तारीख?

4 / 5
इस तारीख के पीछे सिर्फ गणित ही नहीं, बल्कि केप्लर की अपनी सोच और धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी थीं. माना जाता है कि उन्होंने बाइबिल में दी गई टाइमलाइन को ध्यान में रखते हुए गणना की थी. कुछ कहानियों के मुताबिक, ये तारीख उनकी शादी से भी जुड़ी बताई जाती है. हालांकि इसका पुख्ता सबूत नहीं है.
आधुनिक विज्ञान क्या कहता है?

5 / 5
आज के वैज्ञानिकों के मुताबिक, ब्रह्मांड की शुरुआत लगभग 13.8 अरब साल पहले हुई थी, जिसे Big Bang Theory कहा जाता है. इस सिद्धांत के मुताबिक, एक बहुत छोटे और घने बिंदु से अचानक विस्फोट हुआ और धीरे-धीरे पूरा ब्रह्मांड बना. आधुनिक टेलीस्कोप, सैटेलाइट और रिसर्च के जरिए इस थ्योरी को मजबूत सबूत मिले हैं. इसलिए केप्लर की बताई गई 4977 BC वाली तारीख आज के हिसाब से सही नहीं मानी जाती.