ट्रेन के पीछे क्यों बना होता है X का निशान? वंदे भारत या मेट्रो में क्यों नहीं दिखता
Train Cross Sign: भारतीय रेलवे में ट्रेनों के पीछे ‘X’ लिखे होने का मतलब देश के 99 प्रतिशत लोग नहीं जानते होंगे. बड़े सफेद या पीले रंग का ‘X' निशान बनाने के पीछे रेलवे के दो मकसद होते हैं. पहला तो यह बताने के लिए कि यह ट्रेन का आखिरी डिब्बा है और दूसरा कारण आगे की स्लाइड में.

रेल कर्मचारियों को मिलता है संकेत
2 / 5ट्रेन के पिछले हिस्से पर X का निशान यात्रियों के लिए नहीं बल्कि रेल कर्मचारियों के लिए बनाया जाता है. खास तौर पर रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों और स्टेशन मास्टर के लिए यह निशान महत्वूपर्ण संकेत होता है. इसे देखते ही इस बात की पुष्टि हो जाती है कि ट्रेन गुजर चुकी है और कोई भी कोच छूटा नहीं है.
कहां नहीं बनाया जाता ‘X' निशान
3 / 5आधुनिक ट्रेनों या मेट्रो में पारंपरिक ‘X' निशान की जगह इलेक्ट्रॉनिक संकेत या अलग तरह के इंडिकेटर इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि पहले से चल रहीं ट्रेनों में डिजिटल टेक्नोलॉजी के बावजूद X का निशान हटाया नहीं गया है. वजह साफ है. टेक्नोलॉजी फेल हो सकती है, लेकिन ये साइन हर हाल में काम करता है.
रात में क्यों होता है खास इंतजाम
4 / 5दिन में X साफ दिखाई देता है, लेकिन रात के समय परेशानी हो सकती है. इसी वजह से पहले आखिरी डिब्बे पर लाल रंग का लैंप लगाया जाता था. ये लैंप दूर से ही बता देता था कि ये ट्रेन का आखिरी हिस्सा है. आज भी कई ट्रेनों में ये सिस्टम बैकअप के तौर पर इस्तेमाल होता है.
आज के दौर में क्यों जरूरी है X
5 / 5कभी कभी लंबी दूरी की ट्रेन में कपलिंग ढीली होने से कोच अलग होने का खतरा रहता है. अगर कोई डिब्बा बीच में छूट जाए, तो बड़ा एक्सीडेंट हो सकता है. ऐसे में X रेलवे स्टाफ को तुरंत अलर्ट कर देता है. अगर आखिरी में X नजर नहीं आता, तो कर्मचारी एक्शन लेते हैं और ट्रेन को रोकने की कोशिश की जाती है.
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