न सिलेंडर न गैस, पानी से चलेगा ये जादुई स्टोव, LPG का झंझट ही खत्म
अब न तो LPG सिलेंडरों के लिए लाइन में लगने की जरूरत है और न PNG के कनेक्शन की. ऐसा करामाती चूल्हा आ गया है जो पानी से चलेगा. मेड इन इंडिया कॉन्स्पेक्ट के तहत बना ये दो बर्नर का चूल्हा हाइड्रोजन से चलता है. इसमें धीमी आंच और लगभग बिना आग के खाना पकाने की सुविधा मिलती है. जानें इसकी खूबियां

हाइड्रोजन स्टोव में क्या-क्या खास?
2 / 5यह कोई साधारण गैस स्टोव नहीं है जिसमें थोड़ा-बहुत बदलाव किया गया हो. इसमें 100% ग्रीन हाईड्रोजन का उपयोग ईंधन के रूप में होता है. इसमें 2 बर्नर हैं. यह स्टेनलेस स्टील बॉडी से निर्मित है जो आकार में एक मानक स्टोव के समान है, लेकिन इसके संचालन का तरीका बहुत अलग है. लगभग 1,50,000 रुपये प्रति पीस की कीमत वाला यह चूल्हा फिलहाल आम घरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं बनाया गया है.
यह कैसे काम करता है?
3 / 5इस स्टोव में यूज किया जाने वाला हाइड्रोजन बर्नर नियंत्रित, धीमी आंच पर या लगभग बिना आग के खाना पकाने की सुविधा देता है. खाना पकाने के लिए आग समान रूप से वितरित होती है. LPG, स्टोव के विपरीत, यह गैस सिलेंडरों पर निर्भर नहीं करता है. यह एक नियंत्रित हाइड्रोजन प्रवाह प्रणाली के साथ काम करता है.
कहां-कहां हो सकता है प्रयोग?
4 / 5हाइड्रोजन सिर्फ घरों के लिए ही नहीं, बल्कि और भी कई उद्देश्यों के लिए बनाया गया है. हालांकि इसका इस्तेमाल घरेलू रसोई में किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में इसका दायरा व्यापक है. इसे गवर्नमेंट क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स, रिसर्च एंड टैस्टिंग लैब्स, कम्यूनिटी किचन एंड कंटीन, डिफेंस एंड रिमोट लोकेशंस और इंस्टीटयूशनल एंड इंडस्ट्रियल किचन में भी प्रयोग करने का प्लान है.
तुरंत नहीं ले पाएगा LPG की जगह
5 / 5यह हाइड्रोजन कुकिंग स्टोव दिखाता है कि रसोई की तकनीक सिलेंडरों से दूर होकर वैकल्पिक ईंधनों की ओर किस दिशा में आगे बढ़ सकती है. यह घरों में एलपीजी की जगह तुरंत नहीं ले पाएगा, लेकिन खाना पकाने के नए तरीकों की ओर यह एक स्पष्ट कदम है.
.png)