कैसे मिलती है PM मोदी के ड्राइवर की नौकरी? सैलरी जानकर हैरान रह जाएंगे आप
PM Modi Driver Job Process: प्रधानमंत्री का काफिला जब सड़कों पर निकलता है, तो सबकी नजरें उनकी सुरक्षा और गाड़ियों पर टिक जाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीएम की कार चलाने वाले ड्राइवर का चयन कैसे होता है और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है?

प्रधानमंत्री की कार चलाने वाला कोई साधारण ड्राइवर नहीं बल्कि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी का एक ट्रेंड अधिकारी होता है. ये जवान अक्सर आईपीएस, सीआरपीएफ या बीएसएफ जैसे बड़े सुरक्षा बलों से प्रतिनियुक्ति पर चुनकर यहां लाए जाते हैं.
कैसे होता है इनका चुनाव?
2 / 6इस पद के लिए कोई सीधी भर्ती नहीं निकलती बल्कि पुलिस और सेना के सबसे काबिल जवानों को कड़ी प्रक्रिया के बाद चुना जाता है. उम्मीदवार को पहले किसी सुरक्षा बल में शामिल होकर अपनी काबिलियत साबित करनी पड़ती है जिसके बाद ही उसका नाम आगे जाता है.
कैसी होती है ड्राइविंग ट्रेनिंग?
3 / 6चयन के बाद इन जवानों को एंटी-स्किड ड्राइविंग और तेज रफ्तार में दुश्मन को छकाने वाली एस्केप मैन्यूवर जैसी खतरनाक ट्रेनिंग दी जाती है. इन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ियों को हर तरह के मौसम और मुश्किल हालातों में बिना रुके चलाने की खास महारत हासिल होती है.
क्या है खुफिया जांच का रोल?
4 / 6प्रधानमंत्री का ड्राइवर बनने से पहले उम्मीदवार और उसके पूरे खानदान की खुफिया एजेंसियां बड़ी गहराई से गोपनीय जांच करती हैं. जब तक इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य एजेंसियां पूरी तरह हरी झंडी नहीं दे देतीं तब तक किसी को स्टयरिंग नहीं मिलता.
कितनी बड़ी है इनकी जिम्मेदारी?
5 / 6इन अधिकारियों को केवल गाड़ी चलाना ही नहीं बल्कि रास्ते की सुरक्षा और इमरजेंसी रिपेयरिंग का भी पूरा ज्ञान होना जरूरी होता है. एसपीजी के ये सुरक्षा एक्सपर्ट प्रधानमंत्री के साये की तरह काम करते हैं ताकि पलक झपकते ही किसी भी खतरे को टाला जा सके.
क्या है नौकरी की सबसे बड़ी शर्त?
6 / 6प्रधानमंत्री के काफिले में शामिल होने के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक मजबूती और रूट प्लानिंग की गहरी समझ होना अनिवार्य है. हर वक्त अलर्ट रहने वाले ये जांबाज अपनी जान जोखिम में डालकर देश के सबसे बड़े पद की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं.