कितना हीट झेल सकता है हमारा शरीर, जानिए 40°C के बाद क्या होता है?

इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है. तेज धूप और लू के कारण बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हमारा शरीर कितनी गर्मी तक खुद को संभाल सकता है. जानिए पूरी सच्चाई और बचाव के आसान तरीके. (AI Generated Image)

Heat
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तेज धूप और बढ़ती गर्मी के बीच क्या आपका शरीर सच में सुरक्षित है? 40°C के बाद शरीर पर असर शुरू हो जाता है और 45°C के आसपास खतरा कई गुना बढ़ जाता है. कब सामान्य गर्मी जानलेवा बन जाती है और Heatstroke कैसे आपकी जान तक ले सकता है. (AI Generated Image)

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शरीर का सामान्य तापमान

शरीर का सामान्य तापमान2 / 8

मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37°C होता है. जब यह बढ़ता है, तो शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है. लेकिन बहुत ज्यादा बाहरी गर्मी में यह सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है. (AI Generated Image)

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40°C के बाद दिखने लगता है असर

40°C के बाद दिखने लगता है असर3 / 8

जब तापमान 40°C से ऊपर जाता है, तो शरीर पर इसका असर साफ नजर आने लगता है. लंबे समय तक गर्मी में रहने से चक्कर, कमजोरी, थकान और शरीर में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. (AI Generated Image)

45°C पर बढ़ जाता है खतरा

45°C पर बढ़ जाता है खतरा4 / 8

लगभग 45°C तापमान में ज्यादा देर तक रहना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है. अगर शरीर का अंदरूनी तापमान 40°C या उससे ऊपर पहुंच जाए, तो स्थिति गंभीर बन जाती है और इसे Heatstroke कहा जाता है. (AI Generated Image)

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हीटस्ट्रोक क्या होता है

हीटस्ट्रोक क्या होता है5 / 8

Heatstroke तब होता है जब शरीर खुद को ठंडा करने में असफल हो जाता है. इसके लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, ज्यादा या बिल्कुल पसीना न आना और बेहोशी शामिल हैं. (AI Generated Image)

जानलेवा भी हो सकता है हीटस्ट्रोक

जानलेवा भी हो सकता है हीटस्ट्रोक6 / 8

अगर समय रहते इलाज न मिले, तो Heatstroke जानलेवा साबित हो सकता है. इससे शरीर के कई जरूरी अंगों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है. (AI Generated Image)

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बचाव के आसान तरीके

बचाव के आसान तरीके7 / 8

गर्मी से बचने के लिए बार-बार पानी पीना जरूरी है. खाली पेट धूप में निकलने से बचें, दोपहर की तेज धूप से दूरी रखें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें. (AI Generated Image)

शरीर की सहनशीलता की सीमा

शरीर की सहनशीलता की सीमा8 / 8

आमतौर पर शरीर 37°C से 40°C तक की गर्मी को किसी तरह सह सकता है. इससे ज्यादा तापमान में खतरा तेजी से बढ़ता है, इसलिए इस मौसम में सतर्क रहना बेहद जरूरी है. (AI Generated Image)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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