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तेज धूप और बढ़ती गर्मी के बीच क्या आपका शरीर सच में सुरक्षित है? 40°C के बाद शरीर पर असर शुरू हो जाता है और 45°C के आसपास खतरा कई गुना बढ़ जाता है. कब सामान्य गर्मी जानलेवा बन जाती है और Heatstroke कैसे आपकी जान तक ले सकता है. (AI Generated Image)
शरीर का सामान्य तापमान

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मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37°C होता है. जब यह बढ़ता है, तो शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है. लेकिन बहुत ज्यादा बाहरी गर्मी में यह सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है. (AI Generated Image)
40°C के बाद दिखने लगता है असर

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जब तापमान 40°C से ऊपर जाता है, तो शरीर पर इसका असर साफ नजर आने लगता है. लंबे समय तक गर्मी में रहने से चक्कर, कमजोरी, थकान और शरीर में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. (AI Generated Image)
45°C पर बढ़ जाता है खतरा

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लगभग 45°C तापमान में ज्यादा देर तक रहना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है. अगर शरीर का अंदरूनी तापमान 40°C या उससे ऊपर पहुंच जाए, तो स्थिति गंभीर बन जाती है और इसे Heatstroke कहा जाता है. (AI Generated Image)
हीटस्ट्रोक क्या होता है

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Heatstroke तब होता है जब शरीर खुद को ठंडा करने में असफल हो जाता है. इसके लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, ज्यादा या बिल्कुल पसीना न आना और बेहोशी शामिल हैं. (AI Generated Image)
जानलेवा भी हो सकता है हीटस्ट्रोक

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अगर समय रहते इलाज न मिले, तो Heatstroke जानलेवा साबित हो सकता है. इससे शरीर के कई जरूरी अंगों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है. (AI Generated Image)
बचाव के आसान तरीके

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गर्मी से बचने के लिए बार-बार पानी पीना जरूरी है. खाली पेट धूप में निकलने से बचें, दोपहर की तेज धूप से दूरी रखें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें. (AI Generated Image)
शरीर की सहनशीलता की सीमा

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आमतौर पर शरीर 37°C से 40°C तक की गर्मी को किसी तरह सह सकता है. इससे ज्यादा तापमान में खतरा तेजी से बढ़ता है, इसलिए इस मौसम में सतर्क रहना बेहद जरूरी है. (AI Generated Image)