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मध्य प्रदेश के रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस में अचानक आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि इस दौरान किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा होने से टल गया. रेलवे कर्मचारियों ने भी घटनास्थल पर तुरंत कार्रवाई की. ऐसे में कई यात्रियों के मन में ये सवाल उठता है कि अगर किसी कारण ट्रेन में कोई हादसा हो जाए, तो यात्रियों को कितना मुआवजा दिया जाता है? इसके लिए क्या नियम बनाए गए हैं. तो चलिए आज इसी पर बात करते हैं.
कैसे मिलता है मुआवजा?

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रेल यात्रियों को इंश्योरेंस के तहत पैसे मिलते हैं, जिसके लिए आपको टिकट बुकिंग के दौरान लगभग 35 पैसे अतिरिक्त देने होते हैं. अगर आपने ये पैसे नहीं भरे हैं यानी इंश्योरेंस का ऑप्शन नहीं चुना है तो आपको ये मुआवजा नहीं मिलता है. (फोटो-AI)
किसे मिल सकता है मुआवजा?

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जिन लोगों के पास कंफर्म ट्रेन की टिकट होती है और या फिर अगर आपके पास आएसी टिकट है तो भी आपको मुआवजा मिलेगा. (फोटो-AI)
हादसा होने पर कितना मिलता है मुआवजा?

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ट्रेन इंश्योरेंस के तहत अगर ट्रेन दुर्घटना का शिकार होती है और अगर किसी यात्री की मौत हो जाती है, तो उसे 10 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है. पर्मानेंट डिसेबिलिटी की स्थिति में भी 10 लाख रुपये की राशि मिलती है. (फोटो-AI)
पर्मानेंट डिसेबिलिटी होने पर कितना मिलता है मुआवजा?

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बता दें कि ट्रेन दुर्घटना में अगर किसी यात्री को पर्मानेंट पार्शल डिसेबिलिटी होती है तो उसे 7.5 लाख रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है. वहीं, घायल यात्रियों को इलाज के लिए 2 लाख रुपये तक मिलते हैं, जो अस्पताल खर्च के लिए होते हैं, जबकि 10 हजार रुपये ट्रांसपोर्टेशन के लिए अलग से मिलते हैं. (फोटो-AI)
दुर्घटना होने पर कैसे मिलता है मुआवजा?

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किसी भी तरह की ट्रेन दुर्घटना होने पर ट्रेन टिकट बुकिंग के समय इंश्योरेंस लेने के बाद कंपनी की तरफ से आपको ईमेल भेजा जाता है. इसके बाद आपको इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर नॉमिनी की जानकारी भरनी होती है. किसी कारण अगर नॉमिनी नहीं भरा होता है तो हादसे की स्थिति में लीगल वारिस को मुआवजा दिया जाता है. आपको इसके लिए एक क्लेम करना होता है. (फोटो-AI)