Hajj Performed Guide: मुसलमानों की सबसे पाक और अहम इबादत हज है, जिसे करने के लिए हर साल लाखों लोग सऊदी अरब जाते हैं और मक्का में हज के अरकान पूरे करते हैं. हज इस्लाम की 5 बुनियादी का एक हिस्सा है और यह हर उस मुसलमान पर फर्ज है जो शारीरिक और आर्थिक रूप से हज करने के लायक होते हैं. हज के दौरान एक मुसलमान को कई तरह के अरकान पूरे करने होता है और फिर बकरा ईद मनाई जाती है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हज कितने दिन का होता है और इसमें कौन-कौन से अरकान पूरे किए जाते हैं. अरकान को समझने के लिए यह लेख आपकी मदद कर सकता है.
एहराम बांधना और कुछ जरूर नियम

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हज का पहला कदम एहराम बांधना होता है. सफेद रंग का बिना सिले एहराम आमदी पहनते हैं, वहीं महिलाएं शालीन कपड़े पहनती हैं. एहराम बांधने के बाद बाल या नाखून न काटना के बाद लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक कहकर हज की नीयत करते हैं.
तवाफ और सई

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मक्का पहुंचने के बाद काबा के सात बार चक्कर लगाने होते हैं, जिसे तवाफ कहा जाता है. इसके बाद सफा और मरवा के बीच सात चक्कर लगाए जाते हैं, जिसे सई कहते हैं. इसे हजरत हाजरा की कुर्बानी की याद में किया जाता है.
मीना और अराफात में वक्फ

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अब 8 जिलहिज्जा को सभी हाजी मीना जाते हैं और जुहर से लेकर अगले दिन यानी 9 जिलहिज्जा की फज्र की नमाज करते हैं. इसके बाद अराफात की ओर वक्फ किया जाता है. इसे हज का सबसे अहम अरकान माना जाता है.
मुजदलिफा और शैतान को कंकरी मारना

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अराफात से लौटकर मुजदलिफा पहुंचते हैं और वहीं रात गुजारते हैं. यहां से कंकड़ इकट्ठा करके मीना में जाकर शैतान को कंकरी मारते हैं. कंकड़ मारना हर हज का जरूरी अरकान है.
कुर्बानी और आखिरी तवाफ

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कंकरी मारने के बाद जानवर यानी बकरे की कुर्बानी दी जाती है. इसके बाद, आदमी अपने बाल कटवाते हैं और महिलाएं बालों को छोटा करवाती हैं. फिर मक्का लौटकर तवाफ-ए-जियारह या तवाफ-ए-विदा कर हज पूरा करते हैं.