कौवे कितने साल जीते हैं? क्या उनकी उम्र का पता सिर्फ पंखों से लगाया जा सकता है? नई रिसर्च में सामने आया है कि कौवों के पंख उनकी उम्र के कई राज छुपाए रखते हैं. जानिए इस बुद्धिमान पक्षी की औसत उम्र और उससे जुड़े रोचक तथ्य.
कौवे की उम्र को लेकर नई रिसर्च

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दुनियाभर में कौवे अपनी बुद्धिमानी के लिए जाने जाते हैं. अब वैज्ञानिकों ने उनकी उम्र पहचानने का एक नया तरीका खोजा है. रिसर्च के मुताबिक, कौवों के पंखों के रंग और चमक से उनकी उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है. इंसानों की आंखें जिन बदलावों को नहीं देख पातीं, उन्हें खास तकनीक से पहचाना गया.
आखिर कितने साल जीते हैं कौवे?

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आमतौर पर जंगली कौवे 7 से 8 साल तक जिंदा रहते हैं. हालांकि सुरक्षित माहौल में उनकी उम्र 20 से 30 साल या उससे भी ज्यादा हो सकती है. कुछ मामलों में कौवों के 50 साल से ज्यादा जीने के रिकॉर्ड भी मिले हैं. सोशल मीडिया और लोककथाओं में अक्सर दावा किया जाता है कि कौवे 100 या 200 साल तक जीवित रहते हैं. लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये सिर्फ मिथक है. रिसर्च बताती है कि ज्यादातर कौवे 20 साल से पहले ही मर जाते हैं.
पंखों से कैसे पता चलती है उम्र?

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वैज्ञानिकों ने पाया कि उम्र बढ़ने के साथ कौवों के पंखों की चमक और बनावट बदलती है. युवा कौवों के पंख ज्यादा चमकदार और मजबूत होते हैं, जबकि बूढ़े कौवों के पंख फीके और टूटे हुए दिखाई दे सकते हैं. खास कैमरों से इन बदलावों को आसानी से देखा जा सकता है.
आंखों से भी पता चल सकती है उम्र

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रिसर्च के मुताबिक, छोटे कौवों की आंखों का रंग हल्का नीला या ग्रे हो सकता है, जो उम्र बढ़ने के साथ गहरा भूरा हो जाता है. यही वजह है कि वैज्ञानिक आंखों के रंग से भी उनकी उम्र का अंदाजा लगाते हैं.
किन कारणों से कम होती है उम्र?

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जंगली कौवों की मौत के बड़े कारणों में बीमारी, शिकार, बिजली के तार, सड़क हादसे और खाने की कमी शामिल हैं. वेस्ट नाइल वायरस जैसी बीमारियों ने भी कई देशों में कौवों की संख्या घटाई है.
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