
1 / 9
भारत में नॉनवेज (मांसाहार) और वेजीटेरियन (शाकाहारी) भोजन खाने वालों के बीच हमेशा से विवाद देखने को मिलता रहा है. पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच अब मछली खाने को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. विधानसभा चुनाव के दौरान अनुराग ठाकुर को मछली-चावल खाते देखा गया, अब इसे लेकर अनुराग पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लग रहा है.
भारत में मछली कितने लोग खाते हैं?

2 / 9
अनुराग ठाकुर के मछली-चावल खाने के बाद अब ये सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या किसी भी धर्म के लोग नॉनवेज खा सकते हैं या देश में ऐसे कौन-कौन से राज्य जहां नॉनवेज के आड़े धर्म या रिलीजन नहीं आता. आपको बता दें कि एक स्टडी के अनुसार देश में 72 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में मछली का सेवन करती है.
बढ़ गई मछली खाने वालों की संख्या

3 / 9
हालिया अध्ययनों से पता चलता है कि 2005-06 से 2019-21 तक मछली खाने वालों की संख्या 73 करोड़ से बढ़कर 96.6 करोड़ हो गई है. प्रति व्यक्ति मछली खपत भी 4.9 किलोग्राम से 8.89 किलोग्राम तक पहुंच गई, जो आहार में बदलाव को दर्शाता है.
त्रिपुरा में सबसे ज्यादा मछली प्रेम

4 / 9
त्रिपुरा देश का ऐसा राज्य है जहां 99.35 प्रतिशत आबादी मछली का सेवन करती है, जो स्थानीय जल स्रोतों और सांस्कृतिक परंपराओं का परिणाम है. यहां हिंदू, ईसाई और अन्य समुदाय बिना किसी धार्मिक रोक के इसे प्रमुख भोजन बनाते हैं.
केरल और गोवा का मुख्य भोजन

5 / 9
केरल में 53.5 प्रतिशत लोग रोजाना मछली खाते हैं, जबकि गोवा में यह आंकड़ा 36.2 प्रतिशत है, जो समुद्री संपदा से समृद्ध इन राज्यों की विशेषता है. सभी धर्मों के निवासी यहां मछली को प्रोटीन स्रोत के रूप में अपनाते हैं.
यहां संस्कृति का हिस्सा है मछली

6 / 9
असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में मछली नदियों और तालाबों से आसानी से उपलब्ध होने से सभी समुदायों का आम भोजन है. स्थानीय परंपराओं में यह धार्मिक बंधनों से परे एक आवश्यक आहार है.
ओडिशा-पश्चिम बंगाल

7 / 9
पश्चिम बंगाल में 21.9 प्रतिशत लोग रोज मछली खाते हैं, जबकि ओडिशा में भी यह प्रचलित है, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय इसे बिना हिचक अपनाते हैं. बंगाली थाली में मछली का स्थान अटल है.
दक्षिणी राज्य कितना खाते हैं मछली?

8 / 9
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मछली का भारी उपभोग होता है, जो तटीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा है और सभी धार्मिक समूहों द्वारा स्वीकृत है. यहां मांसाहार परंपरा मजबूत होने से कोई विवाद नहीं उठता.
उत्तर भारत में कम लेकिन मौजूद आदत

9 / 9
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में मछली उपभोग न्यूनतम (हरियाणा में मात्र 20.55 प्रतिशत) है, फिर भी कुछ समुदाय शहरों में मछली खाने को लेकर किसी धर्म को नहीं मानते.