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Indian Citizenship: मुगलों के राज में भारतीय नागरिक होने का सबूत कैसे दिया जाता था? काफी चौंकाने वाला है जवाब

देश में पासपोर्ट को लेकर एक अलग ही बहस छिड़ी हुई है. हाल ही में जब से भारत सरकार ने कहा है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, यह केवल विदेश यात्रा करने का अधिकार पत्र है तब से ये मुद्दा गर्माया हुआ है. अब बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि पासपोर्ट, आधार, वोटर कार्ड अलग-अलग उद्देश्यों के लिए बने हैं तो क्या यह सब गैर भारतीयों को भी दिए जाते हैं? अब दूसरी तरफ ये सवाल भी लोगों के बीच उठ रहे हैं कि आखिर मुगल काल में हिन्दुस्तानी नागरिकता का प्रमाण क्या होता था. उस जमाने में इस समस्या से निपटने के लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं की गई थीं. तो चलिए जानते हैं.

First published on: Jun 27, 2026 03:10 PM

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