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सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस बीच माइनिंग इंडस्ट्री से पूरी दुनिया में खलबली मचा देने वाली एक खबर सामने आई है. जो आने वाले दिनों में सोने को और भी कीमती और सुलभ बना सकती है.
जटिल अयस्कों से आसानी से निकलेगा शुद्ध सोना

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मिली जानकारी के अनुसार, कनाडा के वैंकूवर स्थित क्लीन-टेक कंपनी आरजोल्व टेक्नोलॉजीस ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी (Gold Mining Technology) विकसित करने का दावा किया है जो सबसे जटिल अयस्कों (Ores) से भी लगभग 97 प्रतिशत सोना (97% Gold Extraction) निकालने में सक्षम है.
क्यों खास है ये तकनीक?

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आमतौर पर खदानों से सोना निकालने के लिए साइनाइड का इस्तेमाल किया जाता है, जो पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है. साथ ही अगर सोने के साथ तांबा (Copper Gold Ore Processing) मिला हो तो पारंपरिक तरीके फेल होने लगते हैं या फिर प्रोसेस काफी महंगा हो जाता है. RZOLV Technologies की नई तकनीक ने इस समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है.
कंपनी ने क्या कहा?

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कंपनी एक बयान जारी किया है. जिसमें उसने बताया कि उनके खास RZOLV फॉर्मूले ने उस अयस्क से 97 प्रतिशत सोना निकाला है, जिसमें प्रति टन 9.6 ग्राम सोना और 2.12 प्रतिशत तांबा मौजूद था. सबसे बड़ी बात यह है कि इसके लिए किसी प्री-ट्रीटमेंट यानी निकासी से पहले की जटिल प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती है.
तांबा युक्त सोने का अयस्क चुनौती भरा

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माइनिंग इंजीनियरों के लिए तांबा युक्त सोने का अयस्क हमेशा से एक चुनौती रहा है. तांबा, साइनाइड की खपत को बहुत बढ़ा देता है, जिससे खर्च बढ़ जाता है और प्रोसेस काफी पेचीदा हो जाता है. RZOLV के सीईओ ड्वेन नेल्सन ने कहा कि यह 'परिणाम केवल रिकवरी तक सीमित नहीं है. बिना किसी प्री-ट्रीटमेंट के तांबा युक्त जटिल अयस्क से इतना अधिक सोना निकालना यह बताता है कि यह तकनीक साइनाइड का एक बेहतरीन और व्यावहारिक विकल्प बन सकती है.'
कैसे बनी यह तकनीक?

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लेबोरेटरी में किए गए टेस्ट के दौरान 150 ग्राम के सैंपल को पीसकर 168 घंटों तक इन नए घोल में रख दिया गया. 24 घंटे बाद लगभग 34% रिकवरी हुई और 168 घंटे बाद रिकवरी बढ़कर 97% तक पहुंच गई. इस पूरी प्रक्रिया की पुष्टि स्वतंत्र रूप से ALS लेबोरेटरीज द्वारा भी की गई है.
अब कम लागत में होगा ज्यादा मुनाफा

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इस तकनीक के आने से माइनिंग कंपनियों को अब भारी-भरकम और महंगे SART सर्किट्स लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी जो तांबे और साइनाइड को अलग करने के लिए इस्तेमाल होते है. RZOLV टेक्नोलॉजीज अब इस तकनीक को बड़े पैमाने पर (कमर्शियल लेवल) आजमाने की तैयारी कर रही है. अगर यह सफल रहती है, तो आने वाले समय में सोने का खनन न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी कम नुकसानदेह साबित होगा.