Who is Supneet Kaur Topper PSEB 12th:मानसा के उभा स्थित गुरुकुल स्कूल की छात्रा सुपनीत कौर केवल किताबों तक ही सीमित नहीं हैं. वे एक होनहार छात्रा होने के साथ-साथ एक बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं. सुपनीत कौर की इस ऐतिहासिक सफलता ने न केवल उनके स्कूल, बल्कि पूरे मानसा जिले का नाम रोशन कर दिया है. स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि सुपनीत ने कड़ी मेहनत से साबित कर दिया इरादे मजबूत हों तो शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करना मुमकिन है.
पढ़ाई के साथ खेलों में अव्वल है सुपनीत

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मानसा जिले के गांव उभ्भा के गुरुकुल एकेडमी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सुपनीत पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी टॉपर है. सुपनीत एक राष्ट्रीय स्तर की फेंसिंग (तलवारबाजी) में भी मेडलिस्ट हैं. सुपनीत ने फेंसिंग में 2024-25 सत्र के दौरान राष्ट्रीय स्कूल खेलों में उन्होंने कांस्य पदक जीता था, जो उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि थी.
आसमान छूना है सुपनीत का सपना

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सफलता का श्रेष्ठ मुकाम पर पहुंची सुपनीत की बहुमुखी प्रतिभा ने शिक्षकों और सहपाठियों को हमेशा प्रेरित किया है. अपनी सफलता से खुश सुपनीत कौर ने भविष्य की योजनाओं को लेकर भी बात की है. सुपनीत का सपना है कि वह आगे चलकर एक पायलट बनें और आसमान की ऊंचाइयों को छूते हुए देश की सेवा करें.उनकी इस कामयाबी पर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी बेटी अपना यह सपना भी जरूर पूरा करेगी.
बेटी सुपनीत की उपलब्धि पर क्या बोले पिता?

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बेटी सुपनीत कौर की उपलब्धि पर उसके पिता राज सिंह को गर्व है. राज सिंह ने कहा कि सुपनीत हमेशा से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी थीं और पिछली परीक्षाओं में कुछ ही अंकों से मेरिट हासिल करने से चूक गई थीं. सुपनीत के पिता राज सिंह खुद गांव में ही एक स्कूल चलाते हैं, जबकि उनके स्कूल में साइंस की परीक्षा ही नहीं होती. सुपनीत की मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं. उनकी एक छोटी बहन और एक छोटा भाई भी है.
स्कूल में जश्न का माहौल

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नतीजों की घोषणा होते ही गुरुकुल स्कूल उभा में उत्सव जैसा माहौल बन गया. स्कूल स्टाफ और शिक्षकों ने ढोल की थाप पर नाचकर और मिठाइयां बांटकर इस शानदार जीत का जश्न मनाया. सुपनीत के शिक्षकों ने उन्हें भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी छात्राएं समाज और देश का गौरव हैं. टॉपर सुपनीत ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है और आगे चलकर एक शिक्षक बनने की इच्छा रखती हैं.