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सूत्रों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से मोबाइल टैरिफ बढ़ेगा। इस वजह से कंपनियों को मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे करने पड़ सकते हैं। रिचार्ज महंगा होने से हर घर के बच्चे से लेकर बड़ों तक का खर्चा बढ़ जाएगा।
मोबाइल टॉवर चलाने के लिए डीजल जरूरी

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बता दें कि मोबाइल टॉवर को चलाने के लिए 40 प्रतिशत बिजली और डीजल की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर पेट्रोल-डीजल महंगा होगा तो टेलीकॉम कंपनियों की लागत बढ़ेगी। मोबाइल टॉवरों को ऑपरेट करने की कॉस्ट भी बढ़ जाएगी।
डीजल महंगा होने से ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई

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बता दें कि टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल टॉवर चलाने के लिए हर साल करोड़ों रुपये के डीजल की जरूरत पड़ती है। 5G टॉवर के लिए नॉर्मल से ज्यादा डीजल चाहिए। लेकिन अब डीजल महंगा होने से कंपनियों की लागत भी बढ़ जाएगी।
जून में रिचार्ज प्लान कॉस्ट पर फैसला आएगा

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टेलीकॉम कंपनियां अपनी बढ़ने वाली लागत का बोझ वहन करने के लिए मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे कर सकती हैं। इसके लिए वे अगले महीने जून में कोई फैसला ले सकती हैं। क्योंकि उन्हें केंद्रीय मंत्रालय से इसके लिए आवश्यक मंजूरी लेनी होगी।
कंपनियों की पहले से टैरिफ बढ़ाने की योजना

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बता दें कि मिडिल ईस्ट की जंग के कारण क्रूड ऑयल की ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कत आ रही है। इसलिए टेलीकॉम कंपनियों के दूसरे वेंचर में भी लागत बढ़ रही है। ऐसे में टेलीकॉम कंपनियां पहले से ही भारतीय बाजार के लिए टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही थीं।