Rahul Gandhi Birthday Special:कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर आज हर तरफ उनके राजनीतिक सफर की चर्चा हो रही है. सड़कों पर आम लोगों के बीच पसीना बहाने से लेकर संसद के भीतर सरकार को घेरने तक, राहुल गांधी ने राजनीति की एक नई इबारत लिखी है. आइए नजर डालते हैं उनके सफर के अहम पड़ावों पर, जिन्होंने देश की सियासत को एक नया मोड़ दिया
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा

2 / 10
कन्याकुमारी से कश्मीर तक राहुल गांधी ने हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा की. 'नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान' खोलने के इस संकल्प ने जनता से उनका सीधा जुड़ाव कराया.
राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा

3 / 10
इसके बाद राहुल गांधी मणिपुर से मुंबई तक निकले. इस यात्रा के जरिए राहुल गांधी ने आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय के लिए हर वर्ग के हक की आवाज उठाई.
नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी

4 / 10
लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी आज संसद में जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत और बेबाक आवाज बन चुके हैं.
राहुल गांधी की दमदार चुनावी रैलियां

5 / 10
देश के कोने-कोने में हुई राहुल गांधी की रैलियों में भारी भीड़ उमड़ी. इन मंचों से राहुल गांधी ने युवाओं के रोजगार और देश की तरक्की का एक नया रोडमैप देश के सामने रखा.
किसानों के साथ खेतों में

6 / 10
राहुल गांधी वीआईपी कल्चर छोड़कर सीधे मिट्टी से जुड़े लोगों के बीच पहुंचे. उन्होंने खुद खेतों में जाकर धान रोपा और अन्नदाताओं के दर्द को करीब से समझा.
युवाओं से सीधा संवाद

7 / 10
देश के भविष्य यानी छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए राहुल गांधी अक्सर यूनिवर्सिटीज पहुंचे और उनके करियर व रोजगार पर खुलकर चर्चा की.
आम कामगारों से मुलाकात

8 / 10
राहुल गांधी बिना तामझाम के ट्रक ड्राइवरों के साथ सफर पर निकल गए, कुलियों और मैकेनिकों के साथ बैठकर उनकी दिक्कतों को जाना और उन्हें सम्मान दिया.
राहुल गांधी ने संगठन में नई ऊर्जा फूंकी

9 / 10
पार्टी की कमान संभालकर राहुल गांधी ने संगठन में नई ऊर्जा फूंकी और युवाओं को आगे आने का मौका दिया, जो उनके सफर का एक ऐतिहासिक पल था.
संसद में बेबाक भाषण

10 / 10
लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर बिना डरे राहुल गांधी ने महंगाई, बेरोजगारी और भाईचारे जैसे जरूरी मुद्दों पर सरकार से सीधे सवाल पूछे.