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आम आदमी पार्टी के 10 सांसदों में से 7 ने पार्टी छोड़ी है। इनमें से 6 पंजाब से हैं, जिनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और हरभजन सिंह शामिल हैं। वहीं स्वाति मालीवाल दिल्ली से हैं। वहीं संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल AAP के साथ बने हुए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा था?

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सूत्रों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल को पहले से शक था कि पार्टी में लोग खुश नहीं हैं। इसलिए उन्होंने सांसदों से मुलाकात की थी और उन्हें कहा था कि अगर वे खुश नहीं हैं तो पदों से इस्तीफा दें दें। उन्हें पार्टी फिर से टिकट देकर चुनाव उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन इस बारे में आगे बात करने से पहले सांसदों ने इस्तीफा दे दिया।
भगवंत मान ने सांसदों को गद्दार कहा

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आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों का कहना है कि उन्होंने अपनी मर्जी से, व्यक्तिगत रूप से AAP को छोड़ने का फैसला किया है। वहीं BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने AAP सांसदों का गर्मजोशी से स्वागत किया। अरविंद केजरीवाल ने BJP पर पंजाब की जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। वहीं भगवंत मान ने इस्तीफा देने वाले सांसदों को गद्दार कहा।
राघव चड्ढा के AAP पर आरोप

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राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा थी। अपनी जिंदगी के सबसे हसीन 15 साल दिए। अपनी यंग लाइफ पार्टी के नाम कर दी थी, लेकिन अब वही पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक गई है। इसलिए आज सुबह पार्टी से इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा के सथापति को आवश्यक दस्तावेज भी सौंप दिए हैं।
राज्यसभा में पद से हटाए गए राघव

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बता दें कि राघव चड्ढा को बीते दिनों आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया था। उनकी जगह अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाया गया था। इस वजह से राघव नाराज चल रहे थे और उन्होंने अपनी नाराजगी कई तरीकों से जाहिर भी की थी। अब पार्टी छोड़कर उन्होंने अरविंद केजरीवाल को मुसीबत में डाल दिया है।