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पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर फीस पर जुड़े फैसले आज 16 मई से लागू होंगे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर 3 रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) यानी विंडफॉल टैक्स लगाया गया है। डीजल और विमान ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) 23 रुपये से घटाकर 16.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
फैसले से आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

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पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार के नए फैसले से लोगों को राहत मिलेगी। क्योंकि पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में अब भविष्य में कोई इजाफा नहीं होगा। घरेलू बाजार पर भी असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को शून्य रहेगा। वहीं देश के उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली घरेलू एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
विंडफॉल टैक्स लगाने के पीछे सरकार का मकसद?

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केंद्र सरकार के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स का मकसद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। पेट्रोल-डीजल निर्यातकों को कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बहुत ज्यादा फायदा उठाने से रोककर घरेलू बाजार को प्राथमिकता बनाने के लिए प्रेरित करना है।
सरकार ने क्यों लिया एक्स्ट्रा टैक्स लगाने का फैसला?

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विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर टैक्स लगाने का फैसला पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए लगाया गया है। क्योंकि जंग और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। फरवरी तक कच्चे तेल की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन जंग के बाद कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई हैं। अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो इसका असर महंगाई और आयात खर्च पर पड़ेगा। भारत में परिवहन, कृषि, विनिर्माण और खुदरा बाजार पर पेट्रोल-डीजल के रेट का असर पड़ता है।
सरकार ने कब लगाया था निर्यात पर टैक्स?

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बता दें कि केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में पहली बार डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क लगाया था। अप्रैल 2026 में वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए इसमें कई बार संशोधन किया गया। 11 अप्रैल की समीक्षा में ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी की गई थी, जबकि 30 अप्रैल को इसमें राहत दी गई थी। अब सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर भी टैक्स लागू कर दिया है।