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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने पेंशन के लिए उम्र की वेरिफिकेशन का नियम बदला है। वहीं नियम बदलने का मकसद फर्जीवाड़े को रोकना है, क्योंकि कुछ लोग फर्जी कागजों पर पेंशन ले रहे हैं।
उम्र के दूसरे सबूत भी देने होंगे

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नए नियम के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सरकारी योजना के लिए अब उम्र के दूसरे सबूत भी जमा कराने होंगे। अब आधार कार्ड में लिखी डेथ ऑफ बर्थ को सही नहीं माना जाएगा, बल्कि दूसरे कागजात से उसे वेरिफाई किया जाएगा।
स्कूल की मार्कशीट अब देनी होगी

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नए आदेश के अनुसार, अब आधार कार्ड के अलावा स्कूल की मार्कशीट या सर्टिफिकेट देना होगा या अन्य कोई सरकारी कागज देना होगा, जिसमें DOB मेंशन हो। अगर तीनों में एक डेट ऑफ बर्थ नहीं हुई तो पेंशन बंद कर दी जाएगी।
कागज नहीं दिए तो आवेदन रद्द होगा

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नई गाइडलाइन के अनुसार, अब पेंशन के लिए फॉर्म भरते समय भी आधार कार्ड के साथ स्कूल मार्कशीट अन्य किसी सरकारी कागज की कॉपी देनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो पेंशन के आवेदन को रद्द कर दिया जाएगा।
सरकार ने क्यों सख्त किया नियम?

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दरअसल, लोग आधार कार्ड के आधार पर पेंशन बनवा लेते हैं। आधार कार्ड में उम्र अंदाजे के अनुसार लिखवाई जाती है, क्योंकि पहले प्रूफ का नियम नहीं था। इसलिए वे लोग भी पेंशन ले रहे हैं, जिनकी उम्र पेशन के लिए पूरी नहीं हुई।
अनपढ़ लोगों को उठानी होगी परेशानी

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नए नियम से गलत तरीके से बुढ़ापा पेंशन लेने वालों पर लगाम लगेगी। लेकिन इस नियम से गांवों में रहने वाले उन बुजुर्गों को परेशानी होगी, जो पढ़े लिखे नहीं हैं, इसलिए उनके पास स्कूल सर्टिफिकेट नहीं है। कई लोगों के फैमिली रजिस्टर अपडेट नहीं है।