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राज्यसभा सदस्य बनने से नीतीश कुमार का न सिर्फ पता बदला है, बल्कि उनके घर का पता, सैलरी, सुविधाएं, भत्ते, शक्तियां, प्रभाव और उनकी इमेज तक बदल गई है। जी हां, नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री आवास छोड़ना पड़ा है और वे नए घर में शिफ्ट भी हो गए हैं। मुख्यमंत्री से राज्यसभा सांसद बनते ही उनकी सिक्योरिटी भी बदल गई है। साथ ही उनका राजनीतिक काम करने का दायरा भी बदल गया है।
नीतीश कुमार कर नया पता 7 सर्कुलर रोड

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बिहार से राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का नया पता अब 7 सर्कुलर रोड होगा। मुख्यमंत्री पद छोड़ते ही उन्होंने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया। वे 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रेड पर शिफ्र हो गए हैं। उनका नया घर पुराने घर से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर है। 1 अणे मार्ग पर नीतीश कुमार 20 साल तक रहे और इसे सबसे ताकतवर एरिया माना जाता है, क्योंकि यहां मुख्यमंत्री का सरकारी घर है, जहां से पूरा राज्य चलाया जाता है। IAS और IPS समेत प्रदेश के सभी बड़े अधिकारी यही आकर उन्हें रिपोर्ट करते थे। यहीं पर वे सरकारी फाइलें देखते थे। नीतिगत फैसले लेते थे और प्रशासनिक कामों की देखरेख करते थे। जबकि 7 सर्कुलर रोड इससे छोटा है, जिसमें 6 VIP कमरे रहने के लिए हैं, प्राइवेट स्टाफ के लिए ऑफिस की जगह भी सिमित है।
नीतीश कुमार का बतौर राज्यसभा सांसद वेतन

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मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार का सैलरी पैकेज भी बदल गया है। बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 2 लाख से 2.5 लाख प्रति माह सैलरी मिलती है। कई तरह के भत्ते और सरकार के खर्चे पर सुविधाएं, जैसे रहने के लिए आवास, कर्मचारी, परिवहन और सुरक्षा भी मिलती हैं। बतौर राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को 1 लाख 24 हजार प्रति माह वेतन मिलेगा। निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय खर्च और संसद सत्रों के दौरान दैनिक भत्ता मिलेगा। सभी को मिलाकर उनका मासिक वेतन 2 लाख 80 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच सकता है।
राज्यसभा सांसद की सुविधाएं और विशेषाधिकार

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बता दें कि मुख्यमंत्री होने के नाते नीतीश कुमार के पास अधिकारियों की लंबी चौड़ी टीम थी। सभी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पूरा ऑफिस था। बहुत बड़ा ऑफिस था। हाई लेवल मीटिंग करने के लिए कॉन्फ्रेंस रूम था। जनता की शिकायतें सुनने के लिए अलग कमरा था। लेकिन 7 सर्कुलर रोड पर यह सुविधाएं कम हो जाएंगी। यहां वे सिर्फ रह सकेंगे और यहां स्टाफ भी कम होगा। साथ ही उनकी सरकारी गतिविधियां कम हो जाएंगी। वहीं विशेषाधिकारों की बात करें तो वह राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते मिलेंगे।
राज्यसभा सांसद की सिक्योरिटी भी बदल जाएगी

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बता दें कि मुख्यमंत्री पद छोड़ते ही नीतीश कुमार की सुरक्षा भी बदल जाएगी। 1 अणे मार्ग पर मुख्यमंत्री आवास होने के नाते सुरक्षा काफी सख्त होती है। सुरक्षा के कई घेरे होते हैं और बहुत सारे सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। हर आने जाने वाले की चेकिंग होती है। राज्यसभा सांसद होने के नाते उन्हें Z प्लस सिक्योरिटी मिलेगी। 7 सर्कुलर रोड पर भी सुरक्षा काफी मजबूत रहेगी, क्योंकि नीतीश कुमार देश और बिहार के वरिष्ठ राजनेता हैं, लेकिन मुख्यमंत्री आवास के मुकाबले कम रहेगी। वहीं किसी भी तरह की खतरा होने पर उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
नीतीश कुमार का काम करने का दायरा बढ़ा

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राज्यसभा सांसद बनने के बाद नीतीश कुमार को काम करने का दायर भी बढ़ा गया है। अब वे एक राज्य के दायरे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर काम करेंगे। उनकी कार्यप्रणाली अब कार्यकारी की बजाय विधायी हो ई है। वे अब राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस करेंगे। कानून बनाने का काम करेंगे और राष्ट्रीय राजनीति में हिस्सा लेंगे। वे अब बिहार के रोजमर्रा के प्रशासन को कंट्रोल नहीं करेंगे, यानी उनका राजनीतिक महत्व बढ़ा गया है और प्रशासनिक अधिकार काफी कम हो गया है।