मानसून को लेकर IMD ने जारी किया पहला अपडेट, सामान्य से कम होगी बारिश
Monsoon 2026 Update: देश में इस साल मानसून को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने अपनी पहली रिपोर्ट जारी कर दी है, जो खेती-किसानी और आम जनता के लिए थोड़ी चिंता बढ़ाने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, साल 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.

प्रचंड गर्मी का सामना करना होगा
2 / 5मानसून की सुस्ती के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के लोगों को फिलहाल प्रचंड गर्मी का सामना करना होगा. IMD के अनुसार, अगले सप्ताह तक अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. आने वाले दिनों में लोगों को लू के थपेड़े सहने पड़ सकते हैं, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है.
जून के आसपास अल नीनो विकसित
3 / 5IMD के मुताबिक, जून से सितंबर के बीच देश में करीब 80 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है, जबकि 1971 से 2020 के बीच का औसत 87 सेंटीमीटर रहा है. यानी इस बार बारिश सामान्य से थोड़ी कम रहने का अनुमान है. इसका मुख्य कारण अल नीनो की स्थिति को माना जा रहा है, जो मानसून को कमजोर कर सकती है. मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि जून के आसपास अल नीनो विकसित हो सकता है.
क्या है राहत की खबर?
4 / 5कम बारिश के अनुमान के बीच एक सकारात्मक पहलू यह है कि उत्तरी गोलार्द्ध में जनवरी से मार्च के बीच बर्फबारी सामान्य से कम रही है, जो भारतीय मानसून के लिए बेहतर संकेत माना जाता है. इसके अलावा, मानसून के दूसरे चरण में ‘पॉजिटिव इंडियन ओशन डायपोल’ (IOD) बनने की भी उम्मीद है. यह स्थिति हिंद महासागर में तापमान के बदलाव के कारण बनती है, जो अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कम कर भारत में अच्छी बारिश कराने में मदद कर सकती है.
मई में आएगा अपडेट
5 / 5मौसम विभाग ने कहा है कि वह मई के अंत में मानसून के इस पूर्वानुमान को फिर से अपडेट करेगा. तब तक स्थिति और अधिक स्पष्ट हो जाएगी. फिलहाल, जून से सितंबर के बीच देश में करीब 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया है, जबकि सामान्य औसत 87 सेंटीमीटर रहता है. ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की योजना सावधानी से बनाने की जरूरत है.
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