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गैस कनेक्शन पर सब्सिडी देने का सरकार का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आर्थिक मदद देना है। इसलिए हर किसी को सब्सिडी नहीं मिलती है। बल्कि एनुअल इनकम तय करती है कि सब्सिडी मिलेगी या नहीं। अगर एनुअल इनकम तय की गई सीमा से ज्यादा है या आप खुद सब्सिडी नहीं लेना चाहते तो मार्केट में मिलने वाले रेट पर ही सिलेंडर खरीदना पड़ेगा।
एनुअल इनकम पर मिलेगी सब्सिडी

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बता दें कि अकसर केवाईसी न होने के कारण या बैंक खाते का आधार से लिंक न होने की वजह से भी सब्सिडी रुक जाती है। अगर आपकी या आपके जीवनसाथी की इनकम मिलाकर एअुनल इनकम 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा है तो आपको सब्सिडी नहीं मिलेगी। स्वेच्छा से अपनी सब्सिडी छोड़ दी है तो भी आपके खाते में सब्सिडी के पैसे नहीं आएंगे। वहीं सब्सिडी सिर्फ घरेलू कनेक्शन पर मिलेगी।
किन वजहों से नहीं मिलती सब्सिडी?

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बता दें कि अगर गैस एजेंसी में दिए बैंक खाते की ई-केवाईसी नहीं कराई है तो सब्सिडी नहीं मिलेगी। अगर आधार कार्ड गैस एजेंसी और बैंक खाते दोनों से लिंक नहीं है तो भी सब्सिडी का पैसा ट्रांसफर होने में दिक्कत आएगी। अगर बैंक खाता बंद हो चुका है या निष्क्रिय हो चुका है तो भी सब्सिडी नहीं मिल पाएगी। इसलिए सब्सिडी लेने के लिए अपने बैंक अकाउंट को पूरी तरह अपडेट रखें।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की सब्सिडी

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिन लोगों को गैस कनेक्शन मिला है, उन्हें रेगुलर सब्सिडी मिलती है, जो नॉर्मल गैस कनेक्शन से कम या ज्यादा हो सकती है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 1 मई 2016 को शुरू हुई थी, जो गरीब परिवारों को महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देती है। देश की 10 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से कनेक्ट हैं। वहीं शर्तें पूरी करने पर यह कनेक्शन मिलता है।
सब्सिडी का स्टेटस कैसे चेक करें?

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MyLPG.in वेबसाइट पर लॉगइन करके 17 अंकों की आईडी डालकर सब्सिडी की डिटेल चेक कर सकते हैं। अगर सब कुछ सही होने के बाद भी पैसा नहीं आ रहा तो अपनी गैस एजेंसी जाकर 'सब्सिडी प्रोफाइल' की जांच करवाएं। पेट्रोलियम कंपनियों के ऑफिशियल हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और समाधान पा सकते हैं। चाहें तो अपने सब्सिडी प्रोफाइल का प्रिंट ले सकते हैं।