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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करके तेल के टैंकरों की आवाजाही बाधित कर दी है। अरब देश अपने तेल की सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। तेल की सप्लाई बाधित होने से जहां कुकिंग गैस और पेट्रोल-डीजल की कमी हुई है। वहीं चिप बनाने में इस्तेमाल होने वाली हीलियम गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे सेमीकंडक्टर महंगे हो सकते हैं। खाद की कमी भी होने लगी है, जिससे खेती और खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
ईरान से बात कर रहे फ्रांस और इटली

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फ्रांस और इटली ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान से बातचीत शुरू कर दी है। क्योंकि इन दोनों देशों को तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा है और यह देश चाहते हैं कि इनके ऑयल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से बिना खतरे के सुरक्षित क्रॉस हो सकें। इसलिए यह दोनों देश ईरान के साथ समझौता करने की कोशिश में है। हालांकि अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन दोनों देश चाहते हैं कि मिडिल ईस्ट से तेल मिलता रहे।
भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश के हालात

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भारत में संकट गहराया है, लेकिन सरकार ने आपातकालीन कदम उठाते हुए होटलों, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्रियों को दिए जाने वाले कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी है, ताकि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई बाधित न हो। पाकिस्तान ने में सबसे ज्यादा संकट है, इसलिए स्कूल बंद करके वर्क-फ्रॉम होम जैसे कदम लागू किए हैं। बांग्लादेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लिमिट लागू कर दी है। लोगों को AC कम चलाने, लाइटें बंद रखने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है।
ऑस्ट्रेलिया-थाईलैंड-जापान के हालात

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किसानों को ईंधन की कमी न हो, इसलिए ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अपने स्टॉक से 762 मिलियन लीटर पेट्रोल-डीजल निकाला है। नियमों में कुछ समय के लिए ढील दे दी है। थाईलैंड में ईंधन की कमी से निपटने के लिए वर्क फ्रॉम होम, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने और AC 26–27°C पर चलाने जैसे नियम लागू किए गए हैं। जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची ने जापान के रिजर्व से 80 मिलियन बैरल तेल निकालने का आदेश दिया है, जो 45 दिन की जरूरत पूरी करेगा।
साउथ-नॉर्थ कोरिया-चीन के हालात

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साउथ कोरिया ने 30 साल में पहली बार तेल की कीमतों की ऊपरी सीमा (कैप) तय की है। नॉर्थ कोरिया में ईंधन की सप्लाई पहले से कमजोर हालत में है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई बाधित होने से तेल संकट गहराएगा और कीमतें बढ़ने पर लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। स्पेन, नॉर्वे और चीन को उम्मीद है कि उनके लिए अब नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करने का अच्छ मौका है। वहीं श्रीलंका में तेल की कमी होने से पेट्रोल और डीजल के रेट काफी ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं।