नए नियमों के अनुसार, भारतीयों की रसोई में अब या तो LPG कनेक्शन रहेगा या PNG कनेक्शन रहेगा। अगर आपके पास दोनों कनेक्शन हैं तो एक कनेक्शन सरेंडर करन पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं किया तो एक कनेक्शन ऑटोमेटिकल 30 जून तक सस्पेंड हो जाएगा, यानी एक जुलाई से वह कनेक्शन काम ही नहीं करेगा। इससे बेहतर है कि समय रहते एक गैस कनेक्शन सरेंडर कर दें, अन्यथा परेशानी होगी।
नो ड्यूल गैस कनेक्शन नियम का मकसद

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इंडेन गैस, भारत गैस और HP गैस तीनों तेल कंपनियों ने LPG कनेक्शन को लेकर 'नो ड्यूल गैस कनेक्शन' का नियम लागू कर दिया है। केंद्र सरकार के आदेश पर कुकिंग गैस की कालाबाजारी को रोकने और देश में सुरक्षित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए यह नियम बनाया है। तीनों कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी के पास फर्जी तरीके से दोनों गैस कनेक्शन मिले तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
क्या है 'नो ड्यूल गैस कनेक्शन' नियम?

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देश के बड़े शहरों और सोसायटियों में पाइप नेचुरल गैस (PNG) का जाल बिछ चुका है। यह कनेक्शन सिलेंडर की तुलना में सुरक्षित, सस्ता, सुविधाजनक है। लाखों लोग PNG कनेक्शन लगवा चुके हैं, लेकिन उन्होंने बैकअप के तौर पर LPG कनेक्शन भी रखा हुआ है। इससे सरकार पर डबल गैस सप्लाई का बोझ बढ़ रहा है। वहीं 2 कनेक्शन के कारण गैस बर्बाद हो रही है। गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी भी बढ़ने लगी है।
गैस कनेक्शन को लेकर सरकार का नियम

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केंद्र सरकार ने नियम बनाया है कि एक एड्रेस पर 2 अलग-अलग तरह के गैस कनेक्शन देना और रखना गैर-कानूनी है। हाल ही में गहराए LPG संकट के चलते सरकार ने सख्ती बरती को कंपनियों ने 2 कनेक्शन वाले ग्राहकों की पहचान शुरू की। लिस्ट बनाकर ग्राहकों को अल्टीमेटम दिया कि वे एक कनेक्शन सरेंडर कर दें, नहीं तो दोनों कनेक्शन ब्लॉक कर दिए जाएंगे। फिर नए सिरे से कनेक्शन लेना होगा।
गैस कनेक्शन सरेंडर करने का तरीका क्या?

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LPG-PNG दोनों गैस कनेक्शन में से एक कनेक्शन सरेंडर करेंगे तो ब्लॉकेड और पेनल्टी से बच जाएंगे। इसके लिए आपको अपनी गैस एजेंसी के पास जाना होगा। वहां 'कलेक्शन सरेंडर' का फॉर्म भरकर खाली या भरा हुआ सिलेंडर और रेगुलेटर जमा करना होगा। इसके बदले गैस एजेंसी आपको 'सरेंडर सर्टिफिकेट' देगी। साथ ही जो सिक्योरिटी डिपॉजिट (जमानत राशि) गैस कनेक्शन लेते समय जमा कराई थी, वह खाते में ट्रांसफर होगी।