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होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक होने से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो रही है। भारत अपनी ऊर्जा का बड़ा हिस्सा अरब देशों से मंगवाता है। पहले होर्मुज के रास्ते से भारत के तेल-गैस टैंकर भारत तक आ पा रहे थे, लेकिन अब अमेरिका और ईरान की सेनाएं उन्हें होर्मुज को क्रॉस करने नहीं दे रहीं। इस वजह से कच्चा तेल नहीं आ पा रहा है।
नए गैस कनेक्शन पर रोक लगी

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कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने से भारतीयों तक कुकिंग गैस की सप्लाई में बाधा आ सकती है। इसे देखते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल नए LPG (रसोई गैस) कनेक्शन देने पर रोक लगा दी थी। यह रोक करीब एक महीने से जारी है, लेकिन यह रोक अस्थायी है। कच्चे तेल की सप्लाई नॉर्मल होते ही रोक को हटा लिया जाएगा।
65 प्रतिशत गैस बाहर से आती

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बता दें कि देश में हर साल करीब 3.3 करोड़ टन LPG की जरूरत होती है और इसमें से 65 प्रतिशत सप्लाई बाहर से मंगवाई जाती है। इसमें से भी सबसे ज्यादा गैस अरब देशों से मंगवाई जाती है और वहां से गैस आने का एकमात्र रास्ता होर्मुज स्ट्रेट है, जिसे इस समय ईरान और अमेरिका दोनों ब्लॉक करके बैठे हैं तो गैंस टैंकर कैसे आएंगे?
नए कनेक्शन के लिए इंतजार करें

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ऑयल कंपनियों के अनुसार, तेल और गैस की सप्लाई रुकने से गैस की कमी हो सकती है। इसलिए कंपनियों का फोकस मौजूद ग्राहकों को गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना रुकावट के देने पर है। इसलिए नए कनेक्शन देने पर रोक लगाई गई है, ताकि सप्लाई न रुके तो जो लोग नया कनेक्शन लेना चाहते हैं, उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है।
ऑथेंटिकेशन कोड से सिलेंडर डिलीवरी

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में करीब 94 प्रतिशत सिलेंडर ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए डिलीवर किए जाते हैं। मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद सरकार ने LPG, PNG, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बाधित नहीं होने दी। नए हालातों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। किसी भी तरह की स्थिति से अवगत करांएगे।