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भारतीय नौसेना में आज एक और जंगी जहाज INS तारागिरी कमीशन हो गया। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना कमान (ENS) के नौसेना डॉकयार्ड में कमीशनिंग सेरेमनी आयोजित की गई थी, जिसके चीफ गेस्ट केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह थे। सेरेमनी में वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, ध्वज अधिकारी और अन्य गणमान्य लोगों ने भी शिरकत की।
INS तारागिरी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट

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INS तारागिरी को प्रोजेक्ट 17-ए (नीलगिरी-क्लास) के तहत मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा बनाया गया है। यह भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्वदेशी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है। पुराने लींडर-क्लास के फ्रिगेट INS तारागिरी का नया एडवांस्ड वर्जन है, जिसने 1980 से 2013 तक 33 साल नौसेना में सेवाएं दी।
INS तारागिरी का वजन 1700 हाथियों के जितना

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INS तारागिरी को बनाने में 81 महीने (6 साल 3 महीने) लगे और 28 नवंबर 2025 को कंपनी ने इसे नौसेना को सौंपा था। इसकी लंबाई 149 मीटर, चौड़ाई 17.8 मीटर और स्पीड 52 किलोमीटर प्रति घंटा यानी 28 नॉटस है। वहीं इसका वजन 1700 एशियाई हाथियों जितान यानी 6670 टन है।
INS तारागिरी के दुश्मन को चकमा देने वाला रडार

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INS तारागिरी में मॉडर्न सोनार ‘हुल माउंटेड सोनार एडवांस्ड नेक्स्ट जेनरेशन (HUMSA-NG) लगा है, जिसे भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है। यह दुश्मन के रडार को चकमा देकर सटीक हमला करने वाली स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस है। इसमें पानी की गहराई में दुश्मन की पनडुब्बी को डिटेक्ट करने में सक्षम MF-Star (रडार) लगा है।
INS तारागिरी के हथियार खतरनाक और विनाशकारी

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INS तारागिरी में 225 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं। लंबी दूरी तक बिना रुके ऑपरेशन में शामिल हो सकता है। इसके अंदर 2 हेलीकॉप्टर ध्रुव, सी किंग या चेतक तैनात रहते हैं। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (MRSAM), पनडुब्बी-रोधी हथियारों, 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन, एंटी सबमरीन रॉकेट और टॉरपीडो से लैस है।