स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (SIPRI) की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी तक भारत का परमाणु हथियार संग्रह बढ़कर लगभग 190 वारहेड्स पहुंच गया है. ऐसी भी रिपोर्ट सामने आई है कि इन हथियारों में से 12 वारहेड्स रेडी टू लॉन्च मोड पर हैं और जबकि 178 को रिजर्व रखा गया है. ये रिपोर्ट पाकिस्तान और चीन के लिए बड़ी टेंशन बनकर सामने आई है.
भारत के पास कुल कितने परमाणु हथियार?

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जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत के पास कुल 190 परमाणु वारहेड हैं, जिनमें से 12 शांति काल में तैनात किए गए हैं और 178 को बैकअप के तौर पर रखा गया है. आपको बता दें कि इससे पहले भारत के पास 180 परमाणु हथियारों का कलेक्शन था.
रणनीतिक नीति में बदलाव

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SIPRI ने संकेत दिया है कि भारत अब कुछ वारहेड्स को उनके लॉन्चरों के साथ शांति काल में ही जोड़ने की दिशा में बढ़ रहा है, जो लंबे समय से अपनायी गयी 'वारहेड और लॉन्चर अलग' की नीति से अलग है.
दक्षिण एशिया का संतुलन

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क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य में यह वृद्धि पाकिस्तान के 170 वारहेड्स पर भारत को बढ़त देती है; दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ परामर्शी प्रतिवाद (deterrence) बनाए रखने के उद्देश्य से अपने भंडार का विस्तार कर रहे हैं.
सबसे ज्यादा किस देश के पास परमाणु?

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विश्व स्तर पर परमाणु हथियार नौ देशों तक सीमित है. रूस के पास सबसे अधिक 5420 परमाणु हथियार हैं, जबकि अमेरिका के पास भी लगभग 5,042 वारहेड्स है. चीन के पास करीब 620 वारहेड्स हैं.
चीन का उभरता प्रभाव

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SIPRI ने चीन के तैनात वारहेड्स में वृद्धि का भी उल्लेख किया है. 2026 में तैनात वारहेड्स 34 के अनुमान तक पहुंच गये हैं और चीन की लंबी दूरी की क्षमताओं पर जोर क्षेत्रीय रणनीति को प्रभावित कर रहा है.
खड़े हो सकते हैं सवाल

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भारत द्वारा कुछ वारहेड्स की शांति काल में तैनाती को प्रतिवाद की विश्वसनीयता बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार यह कदम क्षेत्रीय तनाव और रक्षा-नीति पर नए राजनीतिक एवं सुरक्षा प्रश्न उठाएगा, जिनके लिए कूटनीति और नियंत्रक ढांचे आवश्यक होंगे.