
1 / 9
देश में जब भी चुनाव होते हैं, तब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी होती हैं. लेकिन मन में हमेशा सवाल रहता है कि आखिर इन वोटों की गिनती कैसे होती है, कितने राउंड होते हैं, जैसे कई सवाल मन में आते हैं. आइए जानते हैं इन सभी सवालों के सीधे जवाब.
कितने बजे से शुरू होती है वोटो की गिनती?

2 / 9
मतगणना के दिन सुबह करीब 8 बजे स्ट्रांग रूम से ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा में काउंटिंग हॉल तक लाया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी चुनाव आयोग और जिला प्रशासन के अधिकारी करते हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
काउंटिंग हॉल में कैसे होती काउटिंग?

3 / 9
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काउंटिंग हॉल में लोकसभा चुनाव के लिए आमतौर पर 14 टेबल लगाई जाती हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में करीब 7 टेबल होती हैं. सभी टेबल पर अलग-अलग टीमें बैठती हैं और सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू कर दी जाती है.
सबसे पहले होती है पोस्टल बैलेट की गिनती

4 / 9
मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट से होती है, जिसमें डाक द्वारा डाले गए वोट शामिल होते हैं. रिटर्निंग ऑफिसर की निगरानी में इनकी गिनती पहले पूरी की जाती है, उसके बाद ईवीएम मशीनों की काउंटिंग शुरू होती है.
एजेंटों की मौजूदगी में खुलती हैं EVM मशीनें

5 / 9
हर राजनीतिक पार्टी के मतगणना एजेंट काउंटिंग हॉल में मौजूद रहते हैं. वे सुरक्षित दूरी से पूरी प्रक्रिया को देखते हैं और हर राउंड के आंकड़ों को नोट करते हैं, जिससे किसी भी गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है और रिजल्ट सटीक आता है.
हर राउंड में कई EVM की होती है गिनती

6 / 9
मतगणना को राउंड यानी चक्र में बांटा जाता है, एक राउंड में सभी टेबलों पर रखी EVM मशीनों को एक साथ खोला जाता है और उनके वोट गिने जाते हैं. हर राउंड पूरा होने पर कुल आंकड़े घोषित किए जाते हैं.
कितने राउंड में तय होती है जीत हार

7 / 9
किसी भी सीट पर कुल वोटिंग के आधार पर राउंड की संख्या तय होती है. कई बार 8 से 10 राउंड में परिणाम साफ हो जाते हैं, लेकिन ज्यादा वोटिंग वाली सीटों पर 50 से 100 राउंड तक गिनती चल सकती है.
VVPAT पर्चियों से होता है वोट का मिलान

8 / 9
EVM की गिनती पूरी होने के बाद वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाता है. VVPAT मशीन में दर्ज पर्चियों को अलग टेबल पर गिना जाता है और EVM के आंकड़ों से मिलाकर सत्यापन किया जाता है. बता दें कि वीवीपैट (VVPET) यानी वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल्स भी कहा जाता है. इस मशीन में किसी भी दल को दिए गए वोट की पर्ची दर्ज होती है, जो मतदान के समय मतदाता को करीब सात सेकेंड तक दिखाई जाती है.
कैसे घोषित होता है सीट पर रिजल्ट?

9 / 9
जब सभी राउंड की गिनती पूरी हो जाती है और आंकड़े फाइनल हो जाते हैं, तब विजेता उम्मीदवार की घोषणा की जाती है. इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी यानी डीएम द्वारा उन्हें जीत का आधिकारिक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है.