विधानसभा चुनाव में कैसे होती है वोटों की गिनती? EVM, VVPAT से लेकर राउंड तक; जानिए पूरा प्रोसेस
अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर चुनावों में वोटों की गिनती कैसे होती है? आइए जानते हैं EVM, VVPAT से लेकर राउंड तक की सारी जानकारी यहां.

देश में जब भी चुनाव होते हैं, तब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी होती हैं. लेकिन मन में हमेशा सवाल रहता है कि आखिर इन वोटों की गिनती कैसे होती है, कितने राउंड होते हैं, जैसे कई सवाल मन में आते हैं. आइए जानते हैं इन सभी सवालों के सीधे जवाब.
कितने बजे से शुरू होती है वोटो की गिनती?
2 / 9मतगणना के दिन सुबह करीब 8 बजे स्ट्रांग रूम से ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा में काउंटिंग हॉल तक लाया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी चुनाव आयोग और जिला प्रशासन के अधिकारी करते हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
काउंटिंग हॉल में कैसे होती काउटिंग?
3 / 9मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काउंटिंग हॉल में लोकसभा चुनाव के लिए आमतौर पर 14 टेबल लगाई जाती हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में करीब 7 टेबल होती हैं. सभी टेबल पर अलग-अलग टीमें बैठती हैं और सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू कर दी जाती है.
सबसे पहले होती है पोस्टल बैलेट की गिनती
4 / 9मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट से होती है, जिसमें डाक द्वारा डाले गए वोट शामिल होते हैं. रिटर्निंग ऑफिसर की निगरानी में इनकी गिनती पहले पूरी की जाती है, उसके बाद ईवीएम मशीनों की काउंटिंग शुरू होती है.
एजेंटों की मौजूदगी में खुलती हैं EVM मशीनें
5 / 9हर राजनीतिक पार्टी के मतगणना एजेंट काउंटिंग हॉल में मौजूद रहते हैं. वे सुरक्षित दूरी से पूरी प्रक्रिया को देखते हैं और हर राउंड के आंकड़ों को नोट करते हैं, जिससे किसी भी गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है और रिजल्ट सटीक आता है.
हर राउंड में कई EVM की होती है गिनती
6 / 9मतगणना को राउंड यानी चक्र में बांटा जाता है, एक राउंड में सभी टेबलों पर रखी EVM मशीनों को एक साथ खोला जाता है और उनके वोट गिने जाते हैं. हर राउंड पूरा होने पर कुल आंकड़े घोषित किए जाते हैं.
कितने राउंड में तय होती है जीत हार
7 / 9किसी भी सीट पर कुल वोटिंग के आधार पर राउंड की संख्या तय होती है. कई बार 8 से 10 राउंड में परिणाम साफ हो जाते हैं, लेकिन ज्यादा वोटिंग वाली सीटों पर 50 से 100 राउंड तक गिनती चल सकती है.
VVPAT पर्चियों से होता है वोट का मिलान
8 / 9EVM की गिनती पूरी होने के बाद वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाता है. VVPAT मशीन में दर्ज पर्चियों को अलग टेबल पर गिना जाता है और EVM के आंकड़ों से मिलाकर सत्यापन किया जाता है. बता दें कि वीवीपैट (VVPET) यानी वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल्स भी कहा जाता है. इस मशीन में किसी भी दल को दिए गए वोट की पर्ची दर्ज होती है, जो मतदान के समय मतदाता को करीब सात सेकेंड तक दिखाई जाती है.
कैसे घोषित होता है सीट पर रिजल्ट?
9 / 9जब सभी राउंड की गिनती पूरी हो जाती है और आंकड़े फाइनल हो जाते हैं, तब विजेता उम्मीदवार की घोषणा की जाती है. इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी यानी डीएम द्वारा उन्हें जीत का आधिकारिक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है.