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IMD Heat Wave Alert: देश में गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है। इस बार भयंकर गर्मी पड़ने की संभावना है। फरवरी महीने के आखिर में ही पसीने छूटने लगे थे और अब मार्च महीने में ही लू चलने की संभावना है, जो मई महीने तक जारी रहेगी। क्योंकि अल नीनो एक्टिव हो रहा है और ला नीना कमजोर पड़ रहा है। इसलिए इस बार सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ सकती है।
एल नीनो एक्टिव हो रहा

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विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, साल 2026 के आखिर तक अल नीनो के मजबूत होने की संभावना बढ़ रही है, जबकि वर्तमान में ला नीना की तीव्रता कम हो रही है। मार्च-मई 2026 के दौरान एल नीनो के तटस्थ रहने की 60 प्रतिशत संभावना है, जिसका अर्थ है कि न तो एल नीनो और न ही ला नीना का असर रहेगा। अप्रैल-जून और मई-जुलाई में यह संभावना बढ़कर 70 प्रतिशत हो जाएगी।
मानसून कमजोर पड़ सकता

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ऐसे में जहां न एल नीनो और न ला नीना के कारण मार्च से मई-जुलाई तक तापमान में वृद्धि होने की संभावना है, जिस वजह से भीषण गर्मी पड़ेगी। वहीं अल नीनो की एक्टिव होने की वजह से भारत का दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ेगा, जिससे सूखा पड़ सकता है। साल 2023 में यह घटना जून में शुरू हुई थी और 11 महीने तक चली थी। इसने उत्पादन कम होने से खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ गई थी।
हीटवेव ज्यादा दिन तक चलेगी

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी साफ संकेत दे दिए हैं कि मार्च से ही तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी, जो मई तक पहुचंते-पहुंचते रिकॉर्ड तोड़ देगा। देश के ज्यादातर राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव चलेगी। गर्म हवाओं का दौर लंबा चलेगा, जिसे मौसम विज्ञानी ‘हीट एक्सप्लोजन’ जैसी स्थिति कह रहे हैं। इन 3 महीनों में तापमान तेजी से बढ़ेगा और तापमान के कई रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
125 साल का रिकॉर्ड टूटेगा

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IMD के मुताबिक, पिछले 125 साल के टेंपरेचर ट्रेंड को देखे तो इस साल पैटर्न असामान्य रह सकता है। फरवरी में ही दिल्ली का तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया था और ठंड तो गायब ही हो गई थी। इस बार बारिश भी नहीं हुई। इस हिसाब से मई महीने तक जैसी गर्मी पड़ेगी, उसका असर उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में ज्यादा रहेगा। बुजुर्गों, बच्चों, आउटडोर काम करने वालों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।
इन राज्यों में भीषण गर्मी पड़ेगा

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IMD के अनुसार, पश्चिम राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र के कई हिस्से, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तरी कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ सकती है। सामान्य से ज्यादा दिन हीटवेव चल सकती है। तापमान लगातार काफी ज्यादा रह सकता है और गर्म हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं।
फरवरी में न बारिश हुई न हवाएं चली

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मार्च महीने में अधिकतम तापमान सामान्य या थोड़ा कम रह सकता है, लेकिन 15 मार्च के बाद तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ेगी। फिलहाल कमजोर ला नीना की स्थिति है। जो अप्रैल-जून में गर्मी के पैटर्न को प्रभावित करेगा। फरवरी 2026 में साल 2001 के बाद सबसे कम बारिश हुई और ठंडी हवाएं भी नहीं चलीं, यानी जमीन फरवरी महीने में ही गर्म हो चुकी है और अब हीटवेव चलने की संभावना बढ़ गई है।