Diesel Supply Updates: देश के कई हिस्सों से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और डीजल की किल्लत की खबरें आ रही थीं. अफवाहों के बीच लोग घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगे, जिससे डीजल की मांग अचानक बढ़ गई. अब इस पूरे मामले पर सरकार ने सामने आकर स्थिति साफ कर दी है. सरकार का कहना है कि देश में ईंधन का भरपूर स्टॉक है और चिंता की कोई बात नहीं है.
मांग से ज्यादा हो रहा है डीजल का उत्पादन

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश में डीजल के उत्पादन और खपत के आंकड़े जारी किए हैं. उन्होंने बताया कि पिछले महीने यानी अप्रैल में भारत ने कुल 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) डीजल का उत्पादन किया. इसके मुकाबले पूरे देश में सिर्फ 8 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) डीजल की ही खपत हुई. इन आंकड़ों से साफ है कि देश में जरूरत से 2 MMT ज्यादा डीजल तैयार हुआ है, इसलिए किल्लत का सवाल ही नहीं उठता.
घबराहट में ज्यादा खरीदारी से बढ़ रहा दबाव

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मंत्रालय के मुताबिक, सभी पेट्रोल पंपों पर डीजल का पूरा स्टॉक मौजूद है. हालांकि, अफवाहों के चलते पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल पंपों पर खरीदारों की तादाद 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गई है. आमतौर पर हर पेट्रोल पंप के पास 2 से 3 दिन का एडवांस स्टॉक हमेशा रहता है. लेकिन जब लोग घबराकर गाड़ियों में जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने लगते हैं, तो सप्लाई चेन पर दबाव पड़ता है. इसी वजह से कुछ समय के लिए पंपों पर तेल खत्म दिखने लगता है. सरकार ने लोगों से पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करने और संयम बरतने की अपील की है.
रसोई गैस को लेकर भी सरकार ने दी सफाई

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रसोई गैस की स्थिति पर बात करते हुए संयुक्त सचिव ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी विदेशों से आयात (मंगाता) करता है. आयात पर इतनी बड़ी निर्भरता होने के बाद भी सरकार ने ऐसे पुख्ता इंतजाम किए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की किल्लत नहीं होगी. पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश के कोने-कोने में ईंधन की सप्लाई लगातार जारी रहेगी. नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य दिनों की तरह ही खरीदारी करें.