दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी की है कि राघव चड्ढा मानहानि का केस दायर कर सकते है, लेकिन इसमें हाई कोर्ट की ओर से कानूनी कार्रवाई करने का आदेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि राजनीतिक आलोचना से पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं होता।
राघव की डीपफेक के खिलाफ याचिका

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बता दें कि राघव चड्ढा ने डीपफेक कंटेंट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उनके खिलाफ दुरुपयोग होने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। राघव का कहना है कि AI के जरिए उनके डीपफेक वीडियो बनाकर कंटेंट के साथ वायरल किए जा रहे हैं।
तस्वीरों और आवाज के दुरुपयोग का आरोप

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राघव चड्ढा ने याचिका में कहा है कि उनकी तस्वीरों, उनकी आवाज, उनकी पहचान और उनके व्यक्तित्व का दुरुपयोग हो रहा है। इंटरनेट मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डीपफेक बनाकर उनकी अनुमति के बिना चीजें इस्तेमाल की जा रही हैं।
डीपफेक वीडियो और कंटेट पर रोक की मांग

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राघव चड्ढा ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की है कि उनके डीपफेक वीडियो, मार्फ्ड कंटेंट और भ्रामक सामग्री पर रोक लगाई जाए। उनकी पहचान और व्यक्तित्व का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
आप छोड़कर जॉइन की है भाजपा

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राघव चड्ढा ने पिछले महीने ही आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी जॉइन की है। उनके साथ कई आप सांसदों ने भाजपा जॉइन करके देश की सियासत में खलबली मचाई थी। तब से राघव चड्ढा विरोधियों के निशाने पर हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया था।