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देश की तीनों ऑयल कंपनियां इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस नए नियमों पर चर्चा कर रही हैं। अगर नए नियम लागू हुए तो इनका असर लोगों के द्वारा हर महीने सिलेंडर बुक करने और डिलीवरी लेने के प्रोसेस पर पड़ सकता है। इसलिए भारतीयों से अपील है कि वे सिलेंडर बुकिंग के नए नियमों के लिए तैयार रहें।
हर महीने बदलेंगे गैस के रेट

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बता दें कि एक मई से गैस की कीमतों और नीतियों में बदलाव हो सकता है। हर महीने की पहली तारीख को गैस के रेट बदल सकते हैं। सिलेंडर बुकिंग की अवधि को बढ़ाया जा सकता है। नए नियम के अनुसार एक मई 2026 से नियम बदले तो सिलेंडर बुकिंग के लिए 25 दिन का गैप अनिवार्य किया जा सकता है।
ओटीपी बेस्ड डिलीवरी सिस्टम

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ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम को भी परमानेंट किया जा सकता है, यानी एक मई 2026 से सिलेंडर जब डिलीवरी के लिए निकलेगा तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी मिलेगा। डिलीवरी बॉय को वह नंबर बताने पर ही सिलेंडर मिलेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ यानी कोड नहीं दिया तो गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा।
अमेरिका से खरीद रहे कुकिंग गैस

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बता दें कि कच्चे तेल की सप्लाई रुकने के बाद सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अमेरिका से अतिरिक्त LPG खरीद रही हैं, जिनकी डिलीवरी जून-जुलाई के महीने में मिल सकती है। भारत को रोजाना करीब 80000 टन LPG की जरूरत है। देश में 46000 टन प्रतिदिन LPG का उत्पादन हो रहा है, लेकिन आयात पर निर्भरता रहेगी।
अरब देशों से 90 प्रतिशत आयात

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भारत करीब 90% LPG खाड़ी देशों (UAE, कतर, सऊदी अरब आदि) से खरीदता था, लेकिन सरकार ने रणनीति बदलते हुए कुकिंग गैस के आयात के स्रोत बढ़ा दिए हैं। अब भारत अरब देशों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से भी LPG खरीदता है। लिस्ट में पहले 10 देश थे और अब 15 देश हो गए हैं।
LPG की स्पॉट खरीदारी ऑप्शन

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केंद्र सरकार के अनुसार, करीब 8 लाख टन LPG का आयात हो चुका है। हाल ही में 10 समु्द्री जहाज होर्मुज क्रॉस करके भारत पहुंचे, जिनमें से 9 में कुकिंग गैस थी। भारत सरकार लोगों को स्पॉट खरीदारी के लिए प्ररित कर रही है। आसान भाषा में समझें तो जरूरत के हिसाब से तुरंत बाजार से गैस खरीदना और वर्तमान में यह जरूरी है। की जाती है। अभी भारत स्पॉट खरीद इसलिए कर रहा है, क्योंकि अचानक सप्लाई में कमी आई है।