9वीं-10वीं के लिए अनिवार्य होंगी 3 भाषाएं, 2 इंडियन लैंग्वेज पढ़ना जरूरी, तीसरी का क्या होगा बोर्ड एग्जाम?

CBSE New Rule: CBSE ने 2026-27 सत्र से 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए नया तीन-भाषा नियम लागू करने का फैसला किया है. अब छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य रहेंगी. विदेशी भाषाएं सिर्फ तीसरी या एक्सट्रा लैंग्वेज के तौर पर ही पढ़ाई जा सकेंगी.

CBSE New Language Rule
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Credit: AI

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क्या है नया तीन-भाषा फॉर्मूला?

क्या है नया तीन-भाषा फॉर्मूला?2 / 7

नई मैनेजमेंट में भाषाओं को R1, R2 और R3 कैटेगरी में बांटा गया है. R1 छात्र की मेन लैंग्वेज होगी, R2 दूसरी भाषा होगी और R3 तीसरी भाषा होगी. तीनों भाषाएं अलग-अलग होंगी और इनमें से दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य रहेगा. CBSE का कहना है कि इससे छात्रों की लैंग्वेज कैपेसिटी मजबूत होगी.

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विदेशी भाषा चुन सकते हैं, लेकिन शर्त के साथ

विदेशी भाषा चुन सकते हैं, लेकिन शर्त के साथ3 / 7

CBSE ने साफ किया है कि छात्र फ्रेंच, जर्मन या बाकी विदेशी भाषाएं चुन सकते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ तीसरी या एक्सट्रा चौथी भाषा के रूप में ही रखा जाएगा. विदेशी भाषाएं भारतीय भाषाओं की जगह नहीं ले सकेंगी. यानी छात्रों को दो भारतीय भाषाएं पढ़ना अनिवार्य रहेगा.

स्कूलों को 31 मई तक करना होगा फैसला

स्कूलों को 31 मई तक करना होगा फैसला4 / 7

CBSE ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वो 31 मई 2026 तक अपनी तीसरी भाषा का चयन कर लें. कई स्कूलों ने भाषा विकल्प तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि कुछ स्कूलों को लैंग्वेज टीचर्स और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

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लैंग्वेज टीचर्स की कमी से कैसे निपटेगा CBSE?

लैंग्वेज टीचर्स की कमी से कैसे निपटेगा CBSE?5 / 7

कई स्कूलों में भाषा शिक्षकों की कमी को देखते हुए CBSE ने alternative arrangements किए हैं. बोर्ड ने ऑनलाइन और हाइब्रिड क्लास, क्लस्टर बेस्ड पढ़ाई, रिटायर्ड शिक्षकों की मदद और PG छात्रों को अस्थायी रूप से जोड़ने जैसे उपाय सुझाए हैं ताकि नई व्यवस्था आसानी से लागू हो सके.

स्थानीय भाषाओं और साहित्य पर जोर

स्थानीय भाषाओं और साहित्य पर जोर6 / 7

CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि पढ़ाई में स्थानीय साहित्य, कविताएं, कहानियां और रिजनल कंटेंट शामिल की जाए. बोर्ड का मानना है कि इससे छात्र अपनी संस्कृति और जड़ों से बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे. ये कदम नई शिक्षा नीति के मल्टी लैंगवेज शिक्षा मॉडल का हिस्सा है.

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तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं होगा

तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम नहीं होगा7 / 7

छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर ये है कि तीसरी भाषा यानी R3 का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा. इसका evaluation स्कूल लेवल पर इंटरनल तरीके से किया जाएगा. हालांकि छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र CBSE प्रमाणपत्र में जरूर किया जाएगा. (All Photos Credit: Freepik)

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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