सोशल मीडिया पर वायरल हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर अब सवाल उठ रहा है कि क्या ये वास्तव में एक पॉलिटिकल पार्टी बन सकती है. भारत में किसी भी संगठन को राजनीतिक दल के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. जानिए पार्टी रजिस्ट्रेशन, चुनाव चिन्ह और मान्यता से जुड़े सभी जरूरी नियम.
कॉकरोच जनता पार्टी क्यों चर्चा में है?

2 / 7
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले कुछ हफ्तों में सोशल मीडिया पर तेजी से फेमस हुई है. ये शुरुआत में एक व्यंग्यात्मक और ऑनलाइन आंदोलन के रूप में सामने आई थी, लेकिन अब इसके समर्थक इसे राजनीतिक मंच में बदलने की बात कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के पानीपत के एक वकील ने पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए भारत निर्वाचन आयोग से संपर्क किया है.
क्या कोई भी राजनीतिक पार्टी बना सकता है?

3 / 7
भारत में कोई भी नागरिकों का ग्रुप राजनीतिक पार्टी बना सकता है. इसके लिए पार्टी का संविधान, मकसद, पदाधिकारियों की जानकारी और बाकी जरूरी दस्तावेज तैयार करने होते हैं. इसके बाद चुनाव आयोग के पास आवेदन जमा किया जाता है.
चुनाव आयोग में कैसे होता है रजिस्ट्रेशन?

4 / 7
राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत किया जाता है. आवेदन मिलने के बाद चुनाव आयोग दस्तावेजों की जांच करता है और जरूरी शर्तें पूरी होने पर पार्टी को रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी का दर्जा दे सकता है.
रजिस्ट्रेशन और मान्यता में क्या अंतर है?

5 / 7
किसी पार्टी का रजिस्टर्ड होना और मान्यता प्राप्त पार्टी होना अलग-अलग बातें हैं. नई पार्टी पहले सिर्फ पंजीकृत राजनीतिक दल बनती है. बाद में चुनावों में प्रदर्शन के आधार पर उसे राज्य स्तरीय या राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है.
चुनाव चिन्ह कैसे मिलता है?

6 / 7
रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी इलेक्शन कमीशन से चुनाव चिन्ह की मांग कर सकती है. हालांकि हर सिंबल मंजूर नहीं होता. चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, चिन्हों के बंटवारे की अलग प्रक्रिया होती है. किसी पार्टी को स्थायी चुनाव चिन्ह तभी मिलता है जब वो मान्यता प्राप्त पार्टी बन जाए.
राजनीतिक पार्टी बनेगी CJP?

7 / 7
अगर चुनाव आयोग कॉकरोच जनता पार्टी का आवेदन मंजूर करता है तो पार्टी पहले 'Registered Unrecognized Political Party' (RUPP) बनेगी. इसके बाद उसे चुनाव लड़कर वोट और सीटें हासिल करनी होंगी. प्रदर्शन के आधार पर ही उसे राज्य या राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है.
(All Photos Credit: Social Media)