आंध्र प्रदेश के अत्रेयपुरम गांव की फेमस मिठाई पूथारेकुलु, जिसे 'पेपर स्वीट' भी कहा जाता है, अपनी अनोखी बनावट और स्वाद की वजह से पूरे देश में लोकप्रिय हो रही है. चावल की पतली परत, घी, गुड़ और ड्राई फ्रूट्स से तैयार ये मिठाई अब भारतीय पारंपरिक व्यंजनों की पहचान बन चुकी है.
क्या है पूथारेकुलु?

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पूथारेकुलु आंध्र प्रदेश के अत्रेयपुरम क्षेत्र की एक पारंपरिक मिठाई है. इसे 'पेपर स्वीट' कहा जाता है क्योंकि इसकी बाहरी परत कागज जैसी बेहद पतली और पारदर्शी होती है. ये मिठाई देखने में जितनी हल्की लगती है, स्वाद में उतनी ही लाजवाब होती है.
300 साल पुराना इतिहास

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कहा जाता है कि पूथारेकुलु का इतिहास करीब 300 साल पुराना है. ये मिठाई सबसे पहले अत्रेयपुरम गांव में बनाई गई थी और धीरे-धीरे पूरे आंध्र प्रदेश की पहचान बन गई. आज ये राज्य की सबसे फेमस ट्रेडिशनल मिठाइयों में गिनी जाती है.
क्यों कहा जाता है 'पेपर स्वीट'?

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इस मिठाई की सबसे बड़ी खासियत इसकी पतली चावल की परत है. गर्म मिट्टी के बर्तन पर चावल के घोल की बेहद महीन परत बनाई जाती है, जो कागज जैसी दिखाई देती है. इसी वजह से इसे पेपर स्वीट कहा जाता है.
कैसे तैयार होती है ये मिठाई?

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चावल को भिगोकर उसका पतला घोल बनाया जाता है. फिर खास तकनीक से उसकी पतली शीट तैयार की जाती है. इस शीट में घी, पिसी चीनी या गुड़ और ड्राई फ्रूट्स भरकर रोल बनाया जाता है. तैयार मिठाई मुंह में जाते ही घुल जाती है.
महिलाओं की आजीविका का बड़ा साधन

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अत्रेयपुरम और आसपास के इलाकों में सैकड़ों महिलाएं पूथारेकुलु बनाने के काम से जुड़ी हुई हैं. ये मिठाई स्थानीय परिवारों की इनकम का अहम स्रोत बन चुकी है और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है.
मिला है GI टैग

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अत्रेयपुरम की पूथारेकुलु को GI Tag का दर्जा मिल चुका है. इससे इस मिठाई की पहचान और ज्यादा मजबूत हुई है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलने लगी है.
(All Photos Credit: Social Media)