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Sanitary Pads Cancer Risk: पीरियड्स के दिनों में सैनिटरी पैड का इस्तेमाल किया जाता है. यह बहुत ही नॉर्मल है और आरामदायक भी माने जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही पैड आपकी सेहत के लिए खतरा भी बन सकते हैं? हाल ही में कई रिसर्च और हेल्थ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ सैनिटरी पैड्स में ऐसे केमिकल पाए गए हैं, जो लंबे समय में महिलाओं की हेल्थ पर बुरा असर डाल सकते हैं. कुछ एक्सपर्ट्स ने इन केमिकल्स को कैंसर और हार्मोनल समस्याओं का कारण बताया है.
किस केमिकल से हो सकता है खतरा?

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कुछ सैनिटरी पैड्स में डाइऑक्सिन और सिंथेटिक जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं. ये केमिकल्स पैड को ज्यादा सफेद, खुशबूदार या लंबे समय तक इस्तेमाल लायक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. लंबे समय तक इन केमिकल्स के संपर्क में रहने से शरीर के हार्मोन सिस्टम पर असर पड़ सकता है.
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क्या सच में बढ़ सकता है Ovarian Cancer का खतरा?

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कई डॉक्टर्स का कहना है कि सिर्फ सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने से सीधे ओवेरियन कैंसर होना साबित नहीं हुआ है, लेकिन हानिकारक केमिकल्स का लगातार संपर्क शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट्स चुनने की सलाह देते हैं.
सैनिटरी पैड खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

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आपको बहुत ज्यादा खुशबू वाले पैड लेने से बचें और ऑर्गेनिक या कॉटन बेस्ड पैड चुनें. साथ ही, लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल न करें और पैकेजिंग की जानकारी इस्तेमाल करने से पहले पूरी लें.
कितनी देर में बदलना चाहिए पैड?

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सैनिटरी पैड को हर 6 घंटे में बदलना चाहिए. लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे इंफेक्शन और स्किन प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ जाता है.