डियर लेडीज! आपके सैनिटरी पैड में छुपा है ये खतरनाक केमिकल, हो सकता है Ovarian Cancer

Sanitary Pads Ovarian Cancer: आइए इस लेख में जानते हैं पैड्स और ओवेरियन कैंसर के बीच में क्या संबंध है और इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल हेल्थ के लिए कितने नुकसानदायक माने जाते हैं. 

Sanitary Pads Ovarian Cancer
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किस केमिकल से हो सकता है खतरा? Image Credit- News24

Sanitary Pads Cancer Risk: पीरियड्स के दिनों में सैनिटरी पैड का इस्तेमाल किया जाता है. यह बहुत ही नॉर्मल है और आरामदायक भी माने जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही पैड आपकी सेहत के लिए खतरा भी बन सकते हैं? हाल ही में कई रिसर्च और हेल्थ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ सैनिटरी पैड्स में ऐसे केमिकल पाए गए हैं, जो लंबे समय में महिलाओं की हेल्थ पर बुरा असर डाल सकते हैं. कुछ एक्सपर्ट्स ने इन केमिकल्स को कैंसर और हार्मोनल समस्याओं का कारण बताया है.

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किस केमिकल से हो सकता है खतरा?  

किस केमिकल से हो सकता है खतरा?  2 / 6

कुछ सैनिटरी पैड्स में डाइऑक्सिन और सिंथेटिक जैसे केमिकल्स पाए जाते हैं. ये केमिकल्स पैड को ज्यादा सफेद, खुशबूदार या लंबे समय तक इस्तेमाल लायक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.  लंबे समय तक इन केमिकल्स के संपर्क में रहने से शरीर के हार्मोन सिस्टम पर असर पड़ सकता है. इसे भी पढ़ें- Vitamin D की कमी होने पर क्या होता है? जानिए शरीर पर दिखते हैं कैसे बदलाव

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क्या सच में बढ़ सकता है Ovarian Cancer का खतरा?

क्या सच में बढ़ सकता है Ovarian Cancer का खतरा?3 / 6

कई डॉक्टर्स का कहना है कि सिर्फ सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने से सीधे ओवेरियन कैंसर होना साबित नहीं हुआ है, लेकिन हानिकारक केमिकल्स का लगातार संपर्क शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट्स चुनने की सलाह देते हैं.

सैनिटरी पैड खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

सैनिटरी पैड खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?4 / 6

आपको बहुत ज्यादा खुशबू वाले पैड लेने से बचें और ऑर्गेनिक या कॉटन बेस्ड पैड चुनें. साथ ही, लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल न करें और पैकेजिंग की जानकारी इस्तेमाल करने से पहले पूरी लें.

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कितनी देर में बदलना चाहिए पैड?

कितनी देर में बदलना चाहिए पैड?5 / 6

सैनिटरी पैड को हर 6 घंटे में बदलना चाहिए. लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे इंफेक्शन और स्किन प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ जाता है.

बचने के लिए क्या करें?

बचने के लिए क्या करें? 6 / 6

महिलाओं की हेल्थ से जुड़े ऐसे मुद्दों पर खुलकर बात करना बेहद जरूरी है. अगर किसी पैड के इस्तेमाल के बाद लगातार जलन, रैशेज या कोई समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इसे भी पढ़ें- किन बीमारियों में काजू नहीं खाना चाहिए? 1 काजू खाना भी हो सकता है नुकसानदायक

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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