क्या आप भी 35 के बाद मां बनने का सपना देख रही हैं? जानिए मिसकैरेज से लेकर 5 बड़े जोखिम, जो आपको पता होनी चाहिए

आज के समय में महिलाएं करियर और पर्सनल ग्रोथ को प्राथमिकता देते हुए देर से मां बनने का फैसला ले रही हैं. 30 या 35 के बाद प्रेग्नेंसी अब आम होती जा रही है, लेकिन इसके साथ कुछ स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ जाते हैं, जिसके बारे में हर महिला को मालूम होना चाहिए. आइए जानते हैं ऐसे जोखिम जो आपको परेशान कर सकते हैं.

Pregnancy After 35 Risk
1 / 10

विज्ञापन

ज्यादा उम्र में प्रेग्नेंसी

ज्यादा उम्र में प्रेग्नेंसी2 / 10

मेडिकल भाषा में 35 साल या उससे ज्यादा उम्र में गर्भधारण को एडवांस्ड मैटरनल एज कहा जाता है. इस उम्र के बाद शरीर में कई बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिससे प्रेग्नेंसी थोड़ी जटिल हो सकती है और अतिरिक्त देखभाल जरूरी हो जाती है.

विज्ञापन

उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है असर

उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है असर3 / 10

कई रिसर्च बताते हैं कि महिलाएं जन्म से ही सीमित संख्या में अंडों के साथ पैदा होती हैं. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, इनकी संख्या और गुणवत्ता दोनों कम होने लगती हैं. 35 के बाद यह गिरावट तेज हो जाती है, जिससे गर्भधारण मुश्किल हो सकता है.

मिसकैरेज का बढ़ता खतरा

मिसकैरेज का बढ़ता खतरा 4 / 10

ज्यादा उम्र में गर्भधारण करने पर गर्भपात का खतरा ज्यादा हो जाता है. इसकी मुख्य वजह भ्रूण में आनुवंशिक या गुणसूत्र संबंधी असामान्यताओं के कारण होता है. बढ़ती उम्र की महिलाओं में यह जोखिम ज्यादा होता है. इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है.

विज्ञापन

जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा

जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा5 / 10

35 साल के बाद प्रेग्नेंसी में जेस्टेशनल डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है. यह एक प्रकार का शुगर है जो गर्भावस्था के दौरान होता है, अगर समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो मां और बच्चे दोनों पर असर पड़ सकता है.

सिजेरियन डिलीवरी की संभावना

सिजेरियन डिलीवरी की संभावना6 / 10

ज्यादा उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाओं में डिलीवरी के दौरान मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कई बार डॉक्टर को सी-सेक्शन यानी सिजेरियन डिलीवरी का सहारा लेना पड़ता है.

विज्ञापन

मल्टीपल प्रेग्नेंसी और प्रीटर्म बर्थ का जोखिम

मल्टीपल प्रेग्नेंसी और प्रीटर्म बर्थ का जोखिम7 / 10

उम्र बढ़ने के साथ एक से ज्यादा बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा समय से पहले डिलीवरी का खतरा भी रहता है जिस कारण बच्चे का वजन कम हो सकता है और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं.

यह भी हैं समस्याएं

यह भी हैं समस्याएं8 / 10

35 के बाद गर्भधारण में स्टिलबर्थ यानी गर्भ में बच्चे की मृत्यु का जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है. हालांकि यह आम नहीं है, लेकिन डॉक्टर की नियमित जांच और सही देखभाल से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है, लेकिन बेहतर रहेगा कि महिलाएं फैसला लेने से पहले डॉक्टर से अपनी जांच कराएं और फिर प्रेग्नेंसी के बारे में सोचे.

विज्ञापन

देर से मां बनने के फायदे और जरूरी सलाह

देर से मां बनने के फायदे और जरूरी सलाह9 / 10

देर से मां बनने वाली महिलाएं अक्सर अधिक जागरूक, शिक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं. इससे बच्चे को बेहतर देखभाल मिलती है. प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना और नियमित जांच करवाना बेहद जरूरी है, ताकि मां और बच्चे दोनों की सेहत बनी रहे.

अस्वीकरण

अस्वीकरण 10 / 10

इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है. (Image: Pexels)

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Azhar Naim

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
... और पढ़ें
विज्ञापन