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Postmortem Process: जब कोई इंसान अचानक मर जाता है या उसकी नेचुरल मौत होने पर सवाल खड़े होते हैं तो पोस्टमार्टम किया जाता है. इसे करने का मकसद मौत की असल वजह जानने के लिए होता है. फिल्मों और क्राइम सीरीज में आपने पोस्टमार्टम के कई सीन देखे होंगे, लेकिन असल जिंदगी में यह बेहद गंभीर प्रोसेस है. इसे करने के लिए कुछ स्टेप्स से होकर गुजरना पड़ता है और इसे करने के लिए डॉक्टरों को मजबूत जिगरा चाहिए होता है.
कब-कब किया जाता है पोस्टमार्टम?

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हर किसी का पोस्टमार्टम करना जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में इसे किया जाता है जैसे-एक्सीडेंट, आत्महत्या, अचानक हुई मौत या जहर या ड्रग ओवरडोज का शक आदि.
कैसे पता लगाई जाती है मौत की वजह?

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पोस्टमार्टम के दौरान फॉरेंसिक एक्सपर्ट शरीर के कई हिस्सों की बारीकी से जांच करते हैं. इसमें हर छोटी चीज पर ध्यान दिया जाता है.
शरीर को बाहर या अंदर से चेक करना

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इस दौरान शरीर की बाहरी हिस्से और अंदरूनी अंगों की जांच की जाती है. एक-एक हिस्से को बारीकी से चेक किया जाता है, ताकि मौत की वजह का पता लगाया जा सके.
क्या पोस्टमार्टम से हमेशा सच पता चल जाता है?

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ज्यादातर मामलों में पोस्टमार्टम से मौत की वजह साफ हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में रिपोर्ट को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए लैब टेस्ट और दूसरी जांच का इंतजार करना पड़ता है.