क्या एक फेफड़े के सहारे जिंदा रह सकता है इंसान? जानिए निमोनिया में कैसे बचाई जाती है जान

निमोनिया एक गंभीर समस्या है, जिसमें फेफड़ों की हेल्थ सीधे तौर पर प्रभावित होती है. ऐसे में लोगों का सवाल रहता है कि क्या एक ही फेफड़ के सहारे इंसान जी सकता है या नहीं?

Pneumonia Symptoms
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देश व दुनिया में आए दिन कोई न कोई निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनके फेफड़ों पर बुरा असर होता है और फेफड़े खराब होने लगते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं क्या होगा अगर निमोनिया के मरीज का एक फेफड़ा हटा दिया जाए.  

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देश में बढ़ती निमोनिया की गंभीर समस्या

देश में बढ़ती निमोनिया की गंभीर समस्या2 / 8

भारत में निमोनिया तेजी से फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी बनती जा रही है. जागरूकता की कमी के कारण लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे यह संक्रमण गंभीर रूप लेकर जान के लिए खतरा बन सकता है. इसलिए इसका सही वक्त पर इलाज बेहद जरूरी होता है.

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क्या एक फेफड़े के सहारे जिंदा रहना संभव है?

क्या एक फेफड़े के सहारे जिंदा रहना संभव है?3 / 8

कई लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या एक फेफड़ा हटने के बाद इंसान जीवित रह सकता है? मेडिकल साइंस के अनुसार, सही देखभाल और इलाज के साथ एक फेफड़े के सहारे भी जीवन संभव हो सकता है.

निमोनिया क्या है और कैसे करता है असर

निमोनिया क्या है और कैसे करता है असर4 / 8

निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होता है, इसमें फेफड़ों की छोटी वायु थैलियों में तरल या म्यूकस भर जाता है, जिससे सांस लेने में मुश्किल पैदा होने लगती है.

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कौन लोग होते हैं ज्यादा जोखिम में

कौन लोग होते हैं ज्यादा जोखिम में5 / 8

यह बीमारी छोटे बच्चों, बुजुर्गों, धूम्रपान करने वालों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है. जिन लोगों को पहले से कोई पुरानी बीमारी है, उनमें इसका खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है.

निमोनिया के आम लक्षण क्या हैं

निमोनिया के आम लक्षण क्या हैं6 / 8

तेज बुखार, ठंड लगना, सीने में दर्द, लगातार खांसी और सांस फूलना इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल है. कई बार मरीज को बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान भी महसूस होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

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बीमारी की पहचान कैसे की जाती है

बीमारी की पहचान कैसे की जाती है7 / 8

डॉक्टर मरीज की स्थिति को देखकर जांच करते हैं और जरूरत पड़ने पर एक्स-रे, ब्लड टेस्ट या अन्य जांच के जरिए संक्रमण की पुष्टि करते हैं. समय पर जांच से सही इलाज शुरू करना आसान हो जाता है, इस स्थिति में जरा सी देरी मरीज की जान पर बड़ा खतरा पैदा कर सकती है, इसलिए इसके लक्षणों के गलती से भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

कैसे होता है निमोनिया का इलाज

कैसे होता है निमोनिया का इलाज8 / 8

निमोनिया का इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है, जिसमें दवाएं और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाता है. गंभीर मामलों में जब फेफड़ा पूरी तरह खराब हो जाए, तो सर्जरी के जरिए उसे हटाना पड़ सकता है. लेकिन डॉक्टरों की कोशिश रहती है कि वह दवाइयों के जरिए इस स्थिति को ठीक करें, लेकिन गंभीर स्थिति में फिफड़ा हटाना भी पड़ जाता है.   अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है. (Image: AI/Pexels)

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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