किडनी रोग, प्रेगनेंसी और टैटू वाले लोगों को क्यों बरतनी चाहिए सावधानी? MRI स्कैन से पहले जान लें ये जरूरी बातें

MRI स्कैन को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए ये जोखिम भरा हो सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक किडनी रोग, गर्भावस्था, शरीर में धातु के इम्प्लांट और कुछ तरह के टैटू MRI के दौरान परेशानी पैदा कर सकते हैं. जानिए किन लोगों को MRI कराने से पहले डॉक्टर से खास सलाह लेनी चाहिए.

tips for MRI Scan
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Credit: Social Media

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MRI स्कैन क्या है?

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MRI (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) एक ऐसी जांच है जो शरीर के अंदरूनी अंगों और tissues की विस्तृत तस्वीरें बनाने के लिए पावरफुल मैगनेटिक फील्ड और रेडियो तरंगों का इस्तेमाल करती है. इसमें एक्स-रे जैसी रेडिएशन नहीं होती, इसलिए इसे सामान्य रूप से सुरक्षित माना जाता है. हालांकि MRI स्कैन सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों में इससे जुड़े जोखिम बढ़ सकते हैं. डॉक्टर स्कैन से पहले मरीज की मेडिकल हिस्ट्री इसलिए पूछते हैं ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके.

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किडनी रोग वाले मरीजों को क्यों सावधान रहना चाहिए?

किडनी रोग वाले मरीजों को क्यों सावधान रहना चाहिए?3 / 7

कुछ MRI स्कैन में गेडोलिनियम नामक कॉन्ट्रास्ट डाई का इस्तेमाल किया जाता है. गंभीर किडनी रोग या किडनी फेलियर वाले मरीजों में ये डाई दुर्लभ लेकिन गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है. ऐसे मरीजों को स्कैन से पहले अपनी किडनी की स्थिति डॉक्टर को बतानी चाहिए.

गर्भावस्था में MRI कब बन सकता है चिंता का कारण?

गर्भावस्था में MRI कब बन सकता है चिंता का कारण?4 / 7

विशेषज्ञों के अनुसार, MRI में रेडिएशन नहीं होती, फिर भी गर्भावस्था की पहली तिमाही में इसे सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही किया जाता है. वहीं कॉन्ट्रास्ट डाई का इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं में आमतौर पर टाला जाता है.  

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शरीर में धातु के इम्प्लांट हों तो जरूर बताएं

शरीर में धातु के इम्प्लांट हों तो जरूर बताएं5 / 7

अगर किसी व्यक्ति के शरीर में पेसमेकर, कॉक्लियर इम्प्लांट, धातु की प्लेट, स्क्रू या बाकी धातु उपकरण लगे हैं, तो MRI खतरनाक हो सकता है. MRI मशीन का पावरफुल मैगनेटिक फील्ड इन उपकरणों को प्रभावित कर सकता है.  

टैटू भी बन सकते हैं परेशानी की वजह

टैटू भी बन सकते हैं परेशानी की वजह6 / 7

कुछ टैटू इंक में मैटल पार्टिकल्स मौजूद हो सकते हैं. ऐसे मामलों में MRI के दौरान टैटू वाली जगह पर हल्की जलन, गर्माहट या झुनझुनी महसूस हो सकती है. हालांकि ये समस्या रेयर है, लेकिन स्कैन से पहले टैटू की जानकारी तकनीशियन को देना जरूरी है.  

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कॉन्ट्रास्ट डाई से एलर्जी का खतरा

कॉन्ट्रास्ट डाई से एलर्जी का खतरा7 / 7

कुछ लोगों में MRI के दौरान इस्तेमाल होने वाली कॉन्ट्रास्ट डाई से एलर्जी हो सकती है. इसके कारण त्वचा पर चकत्ते, चक्कर आना या सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जिन लोगों को पहले ऐसा रिएक्शन हुआ हो, उन्हें डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए. (All Photos Credit: Social Media)  

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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