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AIDS/HIV बेहद ही खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जिससे आज बड़ी संख्या में लोग प्रभावित है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा किसे होता है महिला या पुरुष? आइए जानते हैं.
एचआईवी-एड्स आज भी क्यों है बड़ी चिंता

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दुनियाभर में एचआईवी संक्रमण आज भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है, भले ही लोगों को यह मालूम है कि यह खतरनाक बीमारी है, लेकिन हर साल लाखों नए मामले सामने आते हैं.
एचआईवी शरीर पर कैसे करता है असर

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एचआईवी वायरस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है. इससे व्यक्ति सामान्य बीमारियों से भी ठीक से लड़ नहीं पाता और धीरे-धीरे यह बीमारी अपने पैर फैलाने लगती है, समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति एड्स में बदल सकती है.
क्या महिलाओं में ज्यादा होता है एचआईवी संक्रमण?

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रिपोर्ट्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर एचआईवी से संक्रमित लोगों में महिलाओं की संख्या थोड़ी ज्यादा पाई गई है. खासकर विकासशील देशों में महिलाओं को इस संक्रमण का ज्यादा खतरा देखा गया है. रिपोर्ट बताते हैं कि साल 2022 में इस वायरस से पीड़ित 39 मिलियन लोगों में से 53% महिलाएं थीं.
पुरुषों को कम खतरा नहीं

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हालांकि कई क्षेत्रों में पुरुषों में भी एचआईवी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. विशेषकर कुछ इलाकों में पाया गया कि वहां पुरुष ज्यादा इस बीमारी का शिकार हो रही हैं जो चिंता का विषय है.
किस वजह से हो रहे लोग इस बीमारी का शिकार

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महिलाओं में एचआईवी का खतरा कई सामाजिक कारणों से बढ़ता है, जैसे गरीबी, शिक्षा की कमी, लैंगिक भेदभाव और जागरूकता का अभाव. कई बार उन्हें सही जानकारी और सुरक्षा के साधन भी नहीं मिल पाते, जिस कारण वह धीरे-धीरे इस बीमारी की चेपट में आने लगती हैं और आखिर में एड्स की मरीज हो जाती हैं.
कैसे पाएं इस बीमारी से राहत?

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एचआईवी से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना बेहद जरूरी है. कंडोम का इस्तेमाल, एक ही पार्टनर के साथ संबंध और साफ-सुथरे मेडिकल उपकरणों का इस्तेमाल, इंजेक्शन, सुई, रेजर, ब्लेड, टैटू करने वाले उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करें. ऐसे कदम आपको संक्रमण से बचाने में मदद कर सकते हैं.
ऐसे बचाए खुद को इस बीमारी से

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समय-समय पर एचआईवी टेस्ट कराना बेहद जरूरी है, खासकर यदि किसी को संक्रमण का खतरा हो. सही जानकारी, जागरूकता और सावधानी अपनाकर इस गंभीर बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है.
Disclaimer:

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यह आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है. (Image: Pexels)