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Dil Ki Dhadkan Kam Hona: हमारा दिल धड़कता रहेगा तो पूरा शरीर हेल्दी रहेगा, क्योंकि दिल शरीर को खून देने का काम करता है. इसलिए दिल की हेल्थ पर ध्यान देना बहुत जरूरी है क्योंकि जिस दिन यह धड़कना बंद हो गया तो इंसान सांस लेना बंद कर सकता है. आमतौर पर एक हेल्दी व्यक्ति की हार्ट रेट 60 से 100 बीट प्रति मिनट होती है, लेकिन जब दिल की धड़कन 60 से कम हो जाती है तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ब्रैडीकार्डिया कहा जाता है. यह कभी-कभी सामान्य भी हो सकता है, लेकिन कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है.
हार्ट की बीमारी होना

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दिल की बीमारी हो जाने पर ऐसा होता है. कई बार दिल की मांसपेशियों या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी होने पर हार्ट रेट धीमी हो सकती है. अगर आपको लग रहा है कि आपकी दिल की धड़कन कम हो गई है तो तुरंत डॉक्टर से बात करें.
थायराइड होना

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यह बहुत कम लोग जानते हैं कि थायराइड होने पर दिल की धड़कन कम होने लगती है. खासतौर पर हाइपोथायरॉयडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे दिल की धड़कन भी कम हो सकती है.
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होना

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शरीर में पोटैशियम या सोडियम का स्तर बिगड़ने से हार्ट बीट प्रभावित होती है. अगर आपका इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन है तो डॉक्टर की सलाह पर इसे संतुलित करने की कोशिश करें.
ब्लड प्रेशर की दवा

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कई बार हार्ड दवाएं खाने की वजह से ऐसा हो सकता है. कुछ ब्लड प्रेशर या हार्ट की दवाएं दिल की धड़कन को धीमा कर सकती हैं. कई बार दवा सूट नहीं करती है और फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने का काम करती है.
ज्यादा फिटनेस की वजह

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कुछ लोगों को लगता है कि अगर वो ज्यादा फिट रहेंगे तो दिल हेल्दी रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं है कई बार ज्यादा फिटनेस दिल की धड़कन को कम कर सकती है जैसे एथलीट, उनकी हार्ट रेट 50 से कम हो सकती है.