3000 साल पहले जब नहीं था फ्रिज, तो भारत के लोग कैसे पीते थे गर्मी में ठंडा पानी

आपने भी बचपन में या अभी भी कई घरों में मिट्टी के मटके में पानी भरा हुआ जरूर देखा होगा. मटके में रखा पानी पीना भारतीय घरों में लंबे समय से एक आम चलन रहा है. खासकर गर्मियों के उन महीनों में जब देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ती है. हालांकि इस पुरानी परंपरा या फिर प्रथा को पुरानी यादों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसके कई वैज्ञानिक फायदे भी हैं. लेकिन, विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि पानी को पीने के लिए सुरक्षित और फायदेमंद बनाए रखने में पानी को सही तरीके से रखने, साफ-सफाई और मिट्टी के बर्तन की गुणवत्ता की अहम भूमिका होती है.

earthen pots
1 / 6

विज्ञापन

'मटका पानी' पीने के क्या हैं फायदे?

'मटका पानी' पीने के क्या हैं फायदे?2 / 6

'मटका पानी' का मतलब उस पीने के पानी से है जिसे खास तौर पर बनाए गए मिट्टी के बर्तनों में रखा जाता है, जिन्हें पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा करने के लिए डिजाइन किया गया है. गर्मियों के मौसम में, घरों और सार्वजनिक जगहों पर अलग-अलग साइज के ये मिट्टी के बर्तन अक्सर देखने को मिलते हैं, जो पानी को ताजा और ठंडा रखते हैं. सांस्कृतिक महत्व के अलावा, अध्ययनों से पता चलता है कि पानी को इस तरह से रखने के तरीके से, फ्रिज में ठंडा किए गए पानी की तुलना में, सेहत को कई खास फायदे मिल सकते हैं.

विज्ञापन

क्या है प्राकृतिक ठंडक के पीछे का साइंस?

क्या है प्राकृतिक ठंडक के पीछे का साइंस?3 / 6

मटके के पानी का सबसे बड़ा फायदा इसकी प्राकृतिक ठंडक देने की प्रक्रिया में छिपा है. रेफ्रिजरेशन के उलट, जो पानी का तापमान तेजी से कम करता है, मिट्टी के बर्तन पानी को धीरे-धीरे ठंडा करते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मिट्टी छिद्रपूर्ण होती है, जिससे पानी की थोड़ी-सी मात्रा छोटे-छोटे छेदों से रिसकर बाहर आ जाती है. जैसे ही यह नमी सतह से भाप बनकर उड़ती है, यह अंदर मौजूद पानी की गर्मी को सोख लेती है, जिससे पानी में हल्की ठंडक आ जाती है.

3000 सालों से किया जा रहा इस प्रक्रिया का इस्तेमाल

3000 सालों से किया जा रहा इस प्रक्रिया का इस्तेमाल4 / 6

BBC की एक रिपोर्ट बताती है कि वाष्पीकरण की इस प्रक्रिया का इस्तेमाल लगभग 3,000 सालों से किया जा रहा है. ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि हड़प्पा सभ्यता भी गर्म मौसम में पानी को ठंडा रखने के लिए इसी तरह की तकनीकों पर निर्भर थी. यह धीमी और लगातार ठंडक न केवल एक सुखद तापमान बनाए रखती है, बल्कि उस झटके से भी बचाती है जो बहुत ज्यादा ठंडा पानी शरीर को दे सकता है.

विज्ञापन

शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक

शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक5 / 6

मटके में रखा पानी बर्फ जैसा ठंडा होने के बजाय हल्का ठंडा होता है, जिससे यह गले और पाचन तंत्र के लिए ज्यादा आरामदायक होता है. फ्रिज का बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से कभी-कभी गले में जलन हो सकती है और तापमान में अचानक बदलाव के कारण तकलीफ हो सकती है. इसके विपरीत, मटके का पानी एक सुकून देने वाला असर डालता है, जिससे शरीर के अंदरूनी अंगों पर बिना कोई जोर डाले शरीर हाइड्रेटेड रहता है.

मौसमी बीमारियों से भी बचाता है मटके का पानी

मौसमी बीमारियों से भी बचाता है मटके का पानी6 / 6

इसके अलावा, यह मध्यम तापमान सांस लेने में भी मदद कर सकता है. गर्मियों के दौरान, जब हवा की गुणवत्ता पहले से ही खराब हो, तो बहुत ज्यादा ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करने से गले में जलन, खांसी या मौसमी परेशानी की संभावना कम हो सकती है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन