युवा दिलों का दुश्मन 'स्क्रीन टाइम', दे रहा दिल की बीमारी, नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

आज की डिजिटल दुनिया में हमारा ज्यादातर समय स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन के सामने बीतता है. अगर आप सोचते हैं कि दिन भर स्क्रीन के सामने बैठकर शाम को एक घंटा जिम जाकर आप सेहतमंद रह सकते हैं, तो आप गलत हैं. अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के वार्षिक वैज्ञानिक सत्र में प्रस्तुत एक नए अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. शोध के मुताबिक, युवाओं में अत्यधिक 'स्क्रीन टाइम' (दिन में 6 घंटे से ज्यादा) सीधे तौर पर खराब हार्ट हेल्थ से जुड़ा है, भले ही वे शारीरिक रूप से सक्रिय हों. यानी, कसरत भी स्क्रीन के नुकसान को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती. (AI Image)

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आज की डिजिटल दुनिया में हमारा ज्यादातर समय स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन के सामने बीतता है. अगर आप सोचते हैं कि दिन भर स्क्रीन के सामने बैठकर शाम को एक घंटा जिम जाकर आप सेहतमंद रह सकते हैं, तो आप गलत हैं. अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के वार्षिक वैज्ञानिक सत्र में प्रस्तुत एक नए अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. शोध के मुताबिक, युवाओं में अत्यधिक 'स्क्रीन टाइम' (दिन में 6 घंटे से ज्यादा) सीधे तौर पर खराब हार्ट हेल्थ से जुड़ा है, भले ही वे शारीरिक रूप से सक्रिय हों. यानी, कसरत भी स्क्रीन के नुकसान को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती. (AI Image)  

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स्क्रीन की लत और युवा

स्क्रीन की लत और युवा2 / 7

अध्ययन के अनुसार, जो युवा दिन में 6 घंटे या उससे अधिक समय स्क्रीन (फोन, टीवी, लैपटॉप) के सामने बिताते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल का खतरा काफी बढ़ जाता है. (AI Image)

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फिजिकली एक्टिविटी का भ्रम

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नियमित कसरत (हफ्ते में 150 मिनट) भी स्क्रीन टाइम के नकारात्मक प्रभावों को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाती. स्क्रीन टाइम दिल के लिए एक स्वतंत्र खतरा है. (AI Image)

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल पर वार

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कम स्क्रीन टाइम वालों की तुलना में, ज्यादा स्क्रीन देखने वालों का सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 18 mmHg अधिक और 'खराब' LDL कोलेस्ट्रॉल 28 mg/dL अधिक पाया गया. (AI Image)

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मोटापे का बढ़ता खतरा

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ज्यादा स्क्रीन टाइम सीधे तौर पर उच्च BMI (बॉडी मास इंडेक्स) और कमर के बढ़े हुए घेरे से जुड़ा है. यह पेट के मोटापे और हृदय रोग के जोखिम का मुख्य संकेतक है. (AI Image)

बुरी आदतों को बढ़ावा

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रिसर्च में पाया गया कि ज्यादा स्क्रीन टाइम वाले युवाओं में धूम्रपान और वेपिंग की लत भी दोगुनी से ज्यादा है, जो दिल की बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है. (AI Image)

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ऐसे करें डिजिटल डिटॉक्स

ऐसे करें डिजिटल डिटॉक्स7 / 7

दिल को स्वस्थ रखने के लिए स्क्रीन टाइम को दिन में 6 घंटे से कम करने की कोशिश करें. सुबह उठने के पहले घंटे और सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन से पूरी तरह दूरी बनाएं. (AI Image)

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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