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देश के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज से बचाने के लिए केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत योजना' (Ayushman Bharat Yojana) एक बड़ा सुरक्षा कवच है। इस योजना के तहत सरकार की तरफ से पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज (Free Health Insurance) की गारंटी मिलती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या इस सरकारी कार्ड का इस्तेमाल किसी प्राइवेट अस्पताल में भी किया जा सकता है? आइए, स्लाइड दर स्लाइड बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि इसको लेकर सरकारी नियम क्या कहते हैं।
क्या प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज मुमकिन है?

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जवाब है हां, लेकिन शर्तों के साथ। आयुष्मान कार्ड धारक बिल्कुल प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज करा सकते हैं। शर्त सिर्फ इतनी है कि वह प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार के पैनल में शामिल (Empaneled Hospital) होना चाहिए। हर प्राइवेट अस्पताल में यह सुविधा नहीं मिलती।
कैसे पता करें कि कौन सा प्राइवेट अस्पताल पैनल में है?

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अपने आस-पास के सूचीबद्ध (Empaneled) प्राइवेट अस्पताल की लिस्ट देखना बेहद आसान है:
स्टेप 1: आयुष्मान योजना की आधिकारिक वेबसाइट (pmjay.gov.in) पर जाएं।
स्टेप 2: वहां Find Hospital के विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अपने राज्य, जिले और बीमारी (स्पेशलिटी) का नाम चुनकर आप उन सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की सूची देख सकते हैं जहां मुफ्त इलाज उपलब्ध है।
कार्ड होने पर भी किन स्थितियों में लग सकता है पैसा?

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कई बार शिकायतें आती हैं कि कार्ड होने के बाद भी अस्पताल ने पैसे मांग लिए। इसके नियम स्पष्ट हैं। आयुष्मान कार्ड केवल अस्पताल में भर्ती (Admitted) होने की स्थिति में काम करता है। अगर आप सिर्फ डॉक्टर को दिखाने या ओपीडी परामर्श के लिए जा रहे हैं, तो उसका खर्च आपको खुद देना होगा। अगर आप किसी ऐसे प्राइवेट अस्पताल में जाते हैं जो इस योजना से लिंक्ड नहीं है, तो वहाँ कार्ड काम नहीं करेगा।
कौन सी बीमारियां और खर्च होते हैं कवर?

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अस्पताल में भर्ती होने से लेकर ऑपरेशन, दवाइयां, डॉक्टर की फीस, आईसीयू (ICU) चार्ज और डायग्नोस्टिक टेस्ट (जैसे एक्स-रे, ब्लड टेस्ट) का पूरा खर्च इसमें शामिल है। इस योजना के तहत कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी, मोतियाबिंद और घुटने के प्रत्यारोपण (Knee Replacement) जैसी करीब 1,500 से अधिक छोटी-बड़ी बीमारियों का इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है।
अगर अस्पताल इलाज से मना करे, तो कहां करें शिकायत?

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अगर पैनल में शामिल होने के बावजूद कोई प्राइवेट अस्पताल आपका आयुष्मान कार्ड लेने से मना करता है या पैसे मांगता है, तो आप तुरंत ये कदम उठा सकते हैं। सरकार के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14555 या 104 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। हर सूचीबद्ध अस्पताल में एक 'आयुष्मान मित्र' तैनात होता है, आप सीधे उनसे मिलकर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पात्रता कैसे जांचें?

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यह योजना मुख्य रूप से सामाजिक-आर्थिक और जातीय जनगणना (SECC 2011) के आंकड़ों के आधार पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए है। हाल ही में सरकार ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों के लिए भी इसे अनिवार्य कर दिया है। वेबसाइट पर 'Am I Eligible' टैब पर जाकर अपना मोबाइल नंबर और राशन कार्ड नंबर डालकर आप तुरंत चेक कर सकते हैं कि आपका नाम इस लिस्ट में है या नहीं।