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अगर आप भी आराम से बेड पर लेटकर लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाइए. यह आदत आपके डिवाइस को ओवरहीट कर सकती है और आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. साथ ही, परफॉर्मेंस स्लो होने और बैटरी खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है. इसलिए समय रहते इन गलतियों को समझना बेहद जरूरी है.
बिस्तर पर लैपटॉप रखना क्यों खतरनाक है?

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टेबल या डेस्क के मुकाबले बिस्तर का सरफेस काफी सॉफ्ट होता है. ऐसे में जब आप लैपटॉप को बेड पर रखते हैं, तो उसके नीचे बने एयर वेंट्स दब जाते हैं और सही तरीके से काम नहीं कर पाते.
एयर वेंट ब्लॉक होने से बढ़ती है गर्मी

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लैपटॉप को ठंडा रखने के लिए अंदर-बाहर हवा का आना-जाना जरूरी होता है. लेकिन बिस्तर पर रखने से यह सिस्टम बिगड़ जाता है और ठंडी हवा अंदर नहीं जा पाती. इससे अंदर की गर्मी बाहर निकलने के बजाय और ज्यादा जमा होने लगती है.
ओवरहीटिंग से आग लगने का खतरा

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जब लैपटॉप लगातार गर्म होता रहता है, तो यह स्थिति खतरनाक हो सकती है. ज्यादा हीट जमा होने से डिवाइस में आग लगने तक का खतरा पैदा हो सकता है, इसलिए लंबे समय तक बेड पर रखकर लैपटॉप इस्तेमाल करना बेहद जोखिम भरा है.
डिवाइस के पार्ट्स को होता है नुकसान

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ओवरहीटिंग का असर सिर्फ बाहर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लैपटॉप के अंदर के जरूरी पार्ट्स जैसे मदरबोर्ड पर भी पड़ता है. ज्यादा गर्मी की वजह से ये कंपोनेंट धीरे-धीरे खराब होने लगते हैं और डिवाइस की लाइफ कम हो जाती है.
परफॉर्मेंस पर पड़ता है सीधा असर

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जब लैपटॉप गर्म हो जाता है, तो उसके सभी पार्ट्स सही तरीके से काम नहीं कर पाते. इसका सीधा असर उसकी स्पीड और परफॉर्मेंस पर पड़ता है. जो काम कुछ मिनट में हो सकता है, वही घंटों का समय लेने लगता है.
लगातार चार्जिंग भी बढ़ाती है खतरा

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कई लोग लैपटॉप को लंबे समय तक चार्जिंग पर लगाए रखते हैं, जो एक बड़ी गलती है. इससे बैटरी जल्दी खराब होती है और ओवरहीटिंग का खतरा भी बढ़ जाता है. बेहतर यही है कि बैटरी 80% तक चार्ज होने के बाद चार्जर हटा दिया जाए.