LPG Delivery New Rule: LPG डिलीवरी का नया नियम, ये नहीं माना तो वापस जाएगा सिलेंडर
अब LPG सिलेंडर की डिलीवरी पहले जैसी आसान नहीं रही. इसे लेने का तरीका बदल गया है. वहीं नया नियम लागू होते ही कई लोग कन्फ्यूज हो रहे हैं जानिए क्या है नया नियम और क्या बदला है..

DAC नंबर क्या होता है?
2 / 7DAC का मतलब Delivery Authentication Code है. यह एक यूनिक कोड होता है, जो हर बार गैस सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहक को भेजा जाता है. यह कोड डिलीवरी के समय पहचान के तौर पर इस्तेमाल होता है.
OTP जैसा ही काम करता है DAC
3 / 7यह कोड बिल्कुल OTP की तरह होता है, जो आपके मोबाइल पर आता है. जब डिलीवरी बॉय आपके घर पहुंचता है, तो वह आपसे यही कोड पूछता है. सही कोड देने पर ही सिलेंडर आपको सौंपा जाता है.
DAC नंबर कैसे मिलता है?
4 / 7जब भी आप LPG सिलेंडर बुक करते हैं, तो गैस कंपनी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ऐप या WhatsApp पर DAC कोड भेजती है. यह उसी डिवाइस पर भी आता है जिससे बुकिंग की गई हो, ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो.
डिलीवरी के समय कैसे काम करता है यह सिस्टम?
5 / 7डिलीवरी के दौरान डिलीवरी एजेंट आपसे DAC नंबर मांगता है. आपको अपने मोबाइल पर आया कोड बताना होता है. कोड सही होने पर ही डिलीवरी पूरी मानी जाती है, वरना सिलेंडर वापस ले जाया जा सकता है.
बिना DAC के नहीं मिलेगी डिलीवरी
6 / 7अब यह नियम सख्ती से लागू किया जा रहा है. अगर आप डिलीवरी के समय DAC कोड नहीं बता पाते हैं, तो गैस सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी जाएगी. इससे फर्जी डिलीवरी और गलत बिलिंग पर रोक लगेगी.
अगर DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें?
7 / 7कई बार नेटवर्क या तकनीकी समस्या की वजह से कोड समय पर नहीं पहुंचता. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. आप डिलीवरी बॉय से कोड दोबारा भेजने के लिए कह सकते हैं या गैस एजेंसी/ऐप के जरिए इसे फिर से प्राप्त कर सकते हैं.
.png)